
इंदौर. संजय ब्रिज के पास कान्ह नदी किनारे बने मंदिर में शनिवार सुबह फिर से अराजक तत्वों की करतूत सामने आई. मंदिर की मूर्तियां उखाड़कर नदी में फेंक दी. मामले ने स्थानीय लोगों में आक्रोश फैला दिया और बजरंग दल कार्यकर्ता थाने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे. मामले में पुलिस जांच कर रही है.
शनिवार सुबह जब श्रद्धालु कान्ह नदी किनारे बने मंदिर पहुंचे तो देखा कि वहां स्थापित मूर्तियां गायब हैं. सूचना फैलते ही स्थानीय लोग और बजरंग दल कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. खोजबीन करने पर कुछ मूर्तियां नदी में मिलीं. इस पर हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध दर्ज कराया और तत्काल आरोपियों को पकड़ने की मांग की. सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. कार्यकर्ताओं ने थाने जाकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की. टीआई रविंद्र पाराशर ने लोगों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे. पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर में लगातार असामाजिक तत्व घटनाएं कर रहे हैं. 15 अगस्त को भी इसी मंदिर में मवेशियों के अवशेष मिलने की शिकायत दर्ज हुई थी. इन घटनाओं से श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है. लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मूर्तियों की सर्चिंग के दौरान बनाए गए वीडियो डिलीट करा दिए, जिससे शक और गहरा हो गया है. पुलिस ने एक दिन पहले भी कान्ह नदी घाट पर स्थित शिव मंदिर में मवेशियों के अवशेष मिलने पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मोहनलाल मानेकर की रिपोर्ट पर केस दर्ज किया था. अब दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच की जा रही है.
