उज्जैन: विकास प्राधिकरण के माध्यम से पीएम एकता माल का निर्माण किया जा रहा है जो 75 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, यहां पर देश के 36 राज्यों के प्रोडक्ट बिकेंगे. आधुनिक युग में भी इसे हेरिटेज लुक दिया जा रहा है, जो देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहेगा, पर्यटक और यात्री यहां पर खरीदारी भी कर सकेंगे. इस माल से होने वाली राजस्व आय से उज्जैन विकास प्राधिकरण समेत मध्य प्रदेश भी आर्थिक तौर पर मालामाल हो जाएगा.
शहर के बीचो-बीच महाकाल मंदिर से कुछ ही दूरी पर आकार ले रहा पीएम एकता मॉल अब केवल एक व्यावसायिक परिसर नहीं, वरन संस्कृति और आधुनिकता का संगम बनने जा रहा है. हरिफाटक मार्ग पर विकसित हो रहा यह भव्य प्रोजेक्ट 6 लाख वर्गफीट क्षेत्र में तैयार किया जा रहा है और जून 2026 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है. सिंहस्थ से पहले यह सौगात देश प्रदेश को समर्पित हो जाएगी.
माल के फ्रंट पर प्लास्टर नहीं
इस मॉल की सबसे खास बात इसका हेरिटेज एलिवेशन है. सामने के फ्रंट हिस्से पर पारंपरिक सीमेंट प्लास्टर नहीं किया जाएगा, बल्कि क्लैडिंग और आकर्षक जीआरसी जाली से इसे सजाया जाएगा, जिससे इमारत को शास्त्रीय और सांस्कृतिक रूप दिया जा सके. पीछे और अन्य हिस्सों में प्लास्टर रहेगा, मुख्य मुखौटा पूरी तरह विरासत शैली में तैयार होगा. बाहरी सौंदर्य को और भव्य बनाने के लिए ग्रेनाइट, पत्थर और मार्बल का उपयोग किया जा रहा है.
देश का पहला मॉल
यह मॉल देश का पहला ‘एकता मॉल’ बताया जा रहा है, जहां भारत के 36 राज्यों के उत्पाद एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे. ‘एक जिला एक उत्पाद’ जैसी अवधारणाओं को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष स्पेस निर्धारित किए गए हैं. चौथे तल पर विभिन्न राज्यों के एम्पोरियम होंगे, जहां उनके पारंपरिक वस्त्र, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया जाएगा.
एकात्मक लोक भी होगा तैयार
खरीदारी के साथ मनोरंजन का भी पूरा इंतजाम रहेगा. परिसर में गेम जोन, मल्टीप्लेक्स, आकर्षक शोरूम, रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट विकसित किए जा रहे हैं. एक ऑडिटोरियम ‘एकात्म लोक’ के नाम से बनाया जा रहा है, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और आयोजन हो सकेंगे. गार्डन एरिया और कन्वेंशन सेंटर जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं.
284 करोड़ है लागत
करीब 6 लाख स्मयर फीट भूमि पर विकसित हो रहे इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग 284 करोड़ रुपये है. बेसमेंट सहित पांच मंजिला इस भवन की ऊंचाई लगभग 30 मीटर होगी और कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 38,500 वर्गमीटर रहेगा. पार्किंग और व्हीलचेयर अनुकूल प्रवेश की सुविधा भी दी जा रही है, ताकि हर वर्ग के लोग सहज रूप से यहां पहुंच सकें.
कलेक्टर, सीईओ कर रहे मॉनिटरिंग
उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से निर्माण कार्य किया जा रहा है. जिला प्रशासन की ओर से रोशन कुमार सिंह और प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं. महाकाल की नगरी में आने वाले श्रद्धालु अब दर्शन के साथ खरीदारी और सांस्कृतिक अनुभव का आनंद भी ले सकेंगे. सिंहस्थ से पहले तैयार होने जा रहा यह मॉल उज्जैन की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है
