ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा, क्षीर धारा ग्राम योजना से आदर्श बनेंगे बैतूल के 37 गांव

बैतूल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित “क्षीर धारा ग्राम” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन बैतूल जिले के 37 चयनित ग्रामों में किया जा रहा है।इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर दुग्ध उत्पादन को दोगुना करना तथा चयनित ग्रामों को आदर्श दुग्ध उत्पादन ग्राम के रूप में विकसित करना है।

योजना के तहत पशुपालन को वैज्ञानिक आधार देने के लिए नस्ल सुधार, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और संतुलित पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चयनित ग्रामों में सभी पशुओं की शत-प्रतिशत टैगिंग की जा रही है, जिससे प्रत्येक पशु की पहचान, स्वास्थ्य स्थिति, टीकाकरण, प्रजनन और बीमा से संबंधित जानकारी का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जा सके। इससे पशुपालकों को समय पर उपचार और विभागीय योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

नस्ल सुधार कार्यक्रम के तहत अवर्णित नस्ल के सांडों का नियमानुसार बधियाकरण किया जा रहा है, वहीं उच्च गुणवत्ता वाले सांडों के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से बेहतर नस्ल तैयार की जा रही है। विभाग द्वारा पात्र पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने की भी योजना है, जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि हो सके।इसके साथ ही पशुपालकों को वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रबी, खरीफ और ग्रीष्म ऋतु के अनुरूप चारा फसलों की जानकारी दी जा रही है। पशुपालकों को संतुलित पशु आहार, साइलेज और हे निर्माण, मिनरल मिक्सचर और विटामिन के उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे और उत्पादन क्षमता बढ़े।

उप संचालक पशुपालन डॉ. सुरजीत सिंह ने बताया कि चयनित ग्रामों में पशुओं का नियमित टीकाकरण, कृमिनाशक दवाओं का उपयोग और रोगग्रस्त पशुओं का समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही गोबर और गोमूत्र के वैज्ञानिक उपयोग और मूल्य संवर्धन के लिए जागरूकता शिविर एवं संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है। बांझपन निवारण शिविरों के माध्यम से पशुओं की प्रजनन क्षमता सुधारने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इस योजना से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीणों की आय में भी सुधार होगा और पशुपालन को स्थायी रोजगार के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। “क्षीर धारा ग्राम” योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

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