नई दिल्ली | दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में आयोजित एआई (AI) समिट के दौरान ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन करने के मामले में यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत दे दी है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने चिब को 50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश जारी किया। हालांकि, अदालत ने कड़ी शर्तें लागू करते हुए उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जमा करने का निर्देश दिया है। दिल्ली पुलिस ने पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद चिब को मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश कर सात दिनों की रिमांड मांगी थी, जिसे अदालत ने खारिज करते हुए जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि 20 फरवरी को प्रगति मैदान में हुए इस हाई-प्रोफाइल प्रदर्शन की पूरी साजिश उदय भानु चिब ने रची थी और प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स उपलब्ध कराए थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारी टी-शर्ट के ऊपर जैकेट पहनकर हॉल नंबर पांच में घुसे थे और वहां टी-शर्ट उतारकर हवा में लहराने लगे। इस दौरान हुई हाथापाई में तीन पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। इससे पहले 24 फरवरी को कोर्ट ने चिब को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। मामले में अब तक कई अन्य कार्यकर्ताओं की भी गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें से कुछ फिलहाल पुलिस रिमांड पर हैं।
इस मामले ने राजनीतिक मोर्चे पर भी तूल पकड़ लिया है। एक तरफ जहां पुलिस इसे सुरक्षा में सेंध और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध करार दे रही है। कोर्ट ने इसी मामले में यूथ कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को पहले ही 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत दे दी है। हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार तीन अन्य कार्यकर्ताओं—सौरभ, अरबाज और सिद्धार्थ को भी तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस विरोध प्रदर्शन के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क शामिल था या यह केवल एक तात्कालिक विरोध था।

