अशरफ अली
भोपाल: रंगों के पर्व होली से पहले ही राजधानी का बाजार रंगीन मंजर में बदल गया है। शहर के प्रमुख व्यापारिक इलाकों में सुबह से देर शाम तक खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। खास बात यह है कि इस बार होली की खरीदारी में बच्चों की पसंद ट्रेंड तय कर रही है और उसी के अनुसार बाजारों में नई-नई पिचकारियों और रंगों की भरमार दिखाई दे रही है।बाजारों में इस बार आकर्षक डिजाइनों का खासा बोलबाला है। कार्टून थीम, टैंक स्टाइल, हाई-प्रेशर गन, बैकपैक मॉडल और एलईडी लाइट वाली पिचकारियां बच्चों को खूब लुभा रही हैं। अलग-अलग आयु वर्ग को ध्यान में रखकर दुकानदारों ने विविध रेंज सजाई है, जिससे अभिभावकों को भी विकल्पों की कमी नहीं है।
व्यापारियों का कहना है कि त्योहार से करीब पंद्रह दिन पहले ही बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है। 50 रुपये से शुरू होकर 500 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं। नए डिजाइनों और बेहतर क्वालिटी के चलते इस बार कारोबार पिछले साल से बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।सिर्फ पिचकारियां ही नहीं, बल्कि हर्बल और ऑर्गेनिक गुलाल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। लोग त्वचा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए केमिकल-फ्री रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। पानी में आसानी से घुलने वाले रंग भी खरीदारों को आकर्षित कर रहे हैं।पुराने भोपाल से लेकर नए बाजार क्षेत्रों तक शाम ढलते ही खास चहल-पहल नजर आ रही है। रंगीन सजावट, बच्चों की उत्साहित आवाजें और दुकानों पर सजी बहार यह संकेत दे रही है कि इस बार होली का जश्न पहले से ज्यादा उल्लासपूर्ण रहने वाला है।
