नई दिल्ली | आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है। पार्टी अपने दम पर छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा से एक-एक और तेलंगाना से दो सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में है। इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु में डीएमके और महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) के सहयोग से भी सीटें मिलने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को दोबारा मौका मिलना लगभग तय माना जा रहा है, क्योंकि वे कानूनी और रणनीतिक मोर्चों पर पार्टी का प्रमुख चेहरा हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश में इस बार किसी बाहरी के बजाय स्थानीय चेहरे जैसे आनंद शर्मा या प्रतिभा सिंह पर दांव लगाने की चर्चा है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के सामने फूलो देवी नेताम को दोहराने या पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव जैसे भारी-भरकम नामों में से किसी एक को चुनने की चुनौती है। हरियाणा की एक सीट के लिए पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत और राज बब्बर जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के नाम रेस में हैं। तेलंगाना में दूसरी सीट के लिए पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी के नाम पर विचार किया जा रहा है, जो विपक्षी गठबंधन की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार भी रह चुके हैं। यदि क्षेत्रीय समीकरण नहीं बैठे, तो पार्टी यहां किसी अल्पसंख्यक चेहरे या वरिष्ठ नेता हनुमंत राव को मौका दे सकती है।
महाराष्ट्र में स्थिति और भी दिलचस्प है, जहाँ महा विकास अघाड़ी के भीतर सीट बंटवारे को लेकर जल्द ही बैठक होने वाली है। यहाँ शरद पवार की उम्मीदवारी और शिवसेना (UBT) के दावों के बीच कांग्रेस रजनी पाटिल को फिर से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। कांग्रेस सचिवों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जल्द ही अंतिम सूची जारी करेगा। 5 मार्च को नामांकन की अंतिम तिथि है, ऐसे में पार्टी हाईकमान क्षेत्रीय संतुलन और भविष्य की राजनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन करेगा ताकि सदन में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा जा सके।

