जयपुर, 26 फरवरी (वार्ता) राजस्थान के स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार दूरदर्शी एवं जनहितकारी विकास सुनिश्चित कर रही है और प्रदेश के नगरीय विकास की दिशा में अहम निर्णय लेकर क्रियान्वयन किया जा रहा है।
श्री खर्रा बुधवार देर रात विधानसभा में नगरीय विकास एवं आवासन एवं स्वायत्त शासन विभाग की अनुदान मांगों पर बहस का जवाब दे रहे थे। इससे के बाद सदन ने नगरीय विकास एवं आवासन की 3 अरब 34 लाख 99 हजार रुपए एवं स्वायत्त शासन विभाग की 147 अरब 88 करोड़ 48 लाख 58 हजार रुपए की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी।
इससे पहले श्री खर्रा ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष में नगरीय विकास एवं आवासन तथा स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जनहित में विकास के अनेक उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इनमें भूमि आवंटन में एकरुपता रखने, आवंटित भूमि का दुरुपयोग रोकने और रियायती दर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों को भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भूमि आवंटन की नवीन नीति- 2025 जारी की गई है। शहरी क्षेत्रों के सुनियोजित विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधायें प्रदान करने के लिए नई टाउनशिप नीति- 2024 भी लागू की गई है। इसी प्रकार बेहतर शहरी विकास की दृष्टि से भरतपुर एवं बीकानेर में विकास प्राधिकरण तथा बालोतरा एवं दौसा-बान्दीकुई में नगर विकास न्यास का गठन किया गया है। प्रदेश में नगरीय विकास के 3 हजार 153 करोड़ रुपए के कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी जा चुकी है। जयपुर में यातायात प्रबंधन के लिए आरआईटीईएस से सर्वे कराया है। इससे सम्बंधी कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। साथ ही, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट दिल्ली के डीन जयपुर का दौरा कर चुके हैं। अब उनकी टीम भी शहर आ रही है। उन्होंने बताया कि केवल 12 करोड़ रुपये की लागत से अब महल रोड को भी सिग्नल फ्री किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में सिर्फ 8 शहरों के मास्टर प्लान अनुमोदन कर लागू किए गए थे। वहीं वर्तमान सरकार में छह शहरों के मास्टर प्लान अनुमोदित कर लागू किए जा चुके हैं। सात शहरों के मास्टर प्लान पर आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नवगठित 115 शहरों के मास्टर प्लान तैयार करने के लिए राजस्थान नगर सुधार अधिनियम, 1959 की धारा 3(1) के तहत 19 शहरों के नगरीय क्षेत्रों की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पहली बार राज्य के बजट में श्रेणी 3, 4 एवं 5 नगरों के जीआईएस आधारित नए मास्टर प्लान तैयार करने के लिए 11.15 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। इससे शहरों के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार कर लागू किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार राज्य में समस्त मास्टर प्लान जीआईएस आधारित अमृत गाइड लाइन के अनुसार तैयार कर रही है।
श्री खर्रा ने कहा कि हमारी सरकार ने नवीन राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी-2024 लागू की है। साथ ही ट्रांजिट ऑरिएंटेड डवलपमेंट पॉलिसी-2025 अधिसूचित की गई है। इसमें सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढावा देने एवं निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने के लिए ट्रांजिट स्टेशनों से 5-10 मिनट पैदल दूरी में उच्च घनत्व विकास का प्रावधान रखा गया है। आमजन के वाहनों के आवागमन एवं सार्वजनिक पार्किंग के प्रावधान किए गए हैं। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जेडीए द्वारा टीओडी कॉरिडोर चिह्नित कर पांच टीओडी कॉरिडोर घोषित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जयपुर मेट्रो फेज-द्वितीय का विस्तृत ट्रैफिक-ट्रांसपोर्ट अध्ययन, सर्वेक्षण और वित्तीय-आर्थिक विश्लेषण के आधार पर वैज्ञानिक रुप से रुट तय किया गया है। यह रुट औद्योगिक, शैक्षणिक और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ता है। प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक का यह कॉरिडोर उच्चतम यात्री घनत्व वाले क्षेत्रों को जोड़ेगा जो जयपुर को जाम से वास्तविक राहत देने की दिशा में ठोस कदम है। जगतपुरा, वैशाली नगर आदि क्षेत्रों में भी मेट्रो विस्तार पर विचार किया जाएगा।
श्री खर्रा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के तहत नगरीय विकास विभाग में 771 एमओयू हुए हैं। इसमें से 37 हजार 573 करोड़ रुपये के 405 एमओयू के धरातल पर कार्य शुरू हो चुके हैं। राजस्थान आवासन मंडल द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 में निर्माण कार्यों पर अभी तक 380 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर के प्रताप नगर में 336 आवासों एवं 132 शोरूम के निर्माण कार्य के लिए आगामी मार्च में निविदा आमंत्रित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मास्टर विकास योजना-2047 को तैयार करने के लिए जेडीए में 679 नवीन राजस्व गांवों को जोड़ा गया है। मास्टर विकास योजना-2025 की समयावधि वर्ष 2027 तक निर्धारित है। श्री खर्रा ने कहा कि पारदर्शिता और नागरिक केन्द्रित शासन सुनिश्चित करने के लिए जेडीए समेत राज्य के विभिन्न विकास अभिकरण, विकास न्यास, आवासन मण्डल में सेवाओं को अधिकतम ऑनलाइन किया जा रहा है। जेडीए के मास्टर प्लान खसरा विवरण, भू उपयोग, योजना विवरण सहित वेबसाइट पर सार्वजनिक किया गया है। सभी सेवाओं को ऑनलाइन कर समय और मानवीय हस्तक्षेप कम किया गया है। सभी 49 नागरिक सेवाएं 100 प्रतिशत ऑनलाइन कर दी गई हैं। पट्टा आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। अब 100 प्रतिशत ई-पट्टा जारी किये जा रहे है। अब तक लगभग 24 हजार ई-पट्टे जारी किए जा चुके हैं।
श्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान आवासन मंडल ने दो वर्षों में 4 हजार 215 आवास आवंटित किए हैं और छह हजार से अधिक आवासों का कब्जा सुपुर्द किया है। उन्होंने बताया कि दो साल में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 79,027 आवास स्वीकृत किए गए जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पांच वर्ष में केवल 77,950 आवास स्वीकृत किए गए थे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (1) में 2 लाख 36 हजार आवास बन चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 48,619 आवास भारत सरकार से स्वीकृत हुए और इस मद में 211 करोड़ रूपये का केन्द्रीय अनुदान मिला। घुमंतु, अर्द्धघुमन्तु, गाड़िया लुहार एवं कालबेलिया समुदाय के लोगों को 1348 पट्टे एवं आवंटन पत्र जारी किए गए।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में 27 नवीन नगरीय निकायों का सृजन किया गया तथा 10 नगरीय निकायों को क्रमोन्नत किया गया। वर्ष 2025 में 25 नवीन नगरीय निकायों का सृजन किया गया तथा 5 नगरीय निकायों को क्रमोन्नत किया गया। राज्य की 309 शहरी निकायों का परिसीमनएवं वार्डों का पुनर्गठन का कार्य किया गया। परिसीमन के बाद 309 नगरीय निकायों में कुल 10 हजार 245 वार्ड सृजित किये गये। भीलवाड़ा, पाली में नगर निगम स्थापित किए गए हैं।
