
भोपाल। पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान (पीएसएससीआईवीई), भोपाल में आज ‘समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श बैठक का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारियों, नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि, शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की संयुक्त सचिव सुश्री प्राची पांडेय रहीं।
अपने संबोधन में सुश्री पांडेय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यावसायिक शिक्षा को अब विद्यालयी शिक्षा की मुख्यधारा का हिस्सा बनाया जा रहा है। उन्होंने पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आजीवन कौशल अधिगम (लाइफलॉन्ग स्किल लर्निंग) पर बल दिया और कहा कि वैश्विक मांगों को देखते हुए रोजगारपरक शिक्षा आज के दौर में अनिवार्य हो चुकी है। सुश्री पांडेय ने आगे कहा कि विद्यालयों को भविष्य के अनुरूप तैयार करने के लिए 10 बस्तारहित दिवस, प्रारंभिक कौशल परिचय, उद्योग सहभागिता और संरचित करियर मार्गदर्शन जैसे प्रावधान किए गए हैं, जो छात्रों के लिए शिक्षा को अधिक अनुभवात्मक और बहुविषयी बना रहे हैं। यह दो दिवसीय बैठक व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीतियों पर केंद्रित रहेगी।
