रायपुर, 26 फरवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाई देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की गई है। पद्मभूषण से सम्मानित पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान और पीजीटीआई (प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया) के अध्यक्ष कपिल देव ने नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात प्रदेश में खेल संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कपिल देव का पारंपरिक बेल मेटल से बनी प्रतिकृति और ‘पुण्यभूमि छत्तीसगढ़’ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप जौहल भी उपस्थित थे। चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।
बैठक का मुख्य आकर्षण नवा रायपुर में विश्व स्तरीय अंतरराष्ट्रीय गोल्फ कोर्स विकसित करने की योजना रही। इस भव्य परियोजना को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि यहां वैश्विक टूर्नामेंट आयोजित किए जा सकें, जिससे छत्तीसगढ़ अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना सके। चर्चा का एक प्रमुख बिंदु ’72 द लीग’ में नवा रायपुर फ्रेंचाइजी को शामिल करने का रोमांचक अवसर भी रहा। इस कदम से भारत के पेशेवर गोल्फ इकोसिस्टम को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। पूर्व क्रिकेट कप्तान देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा। यह पूरी पहल छत्तीसगढ़ को गोल्फ, खेल पर्यटन और निवेश के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है। यह परियोजना विकसित भारत के विजन के अनुरूप राज्य को खेल जगत का एक प्रमुख केंद्र बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।

