बैरसिया: लोक शिक्षण संचालनालय ने सभी प्राचार्यो को आदेश देते हुए कहा कि अतिथि शिक्षक एक सप्ताह से अधिक स्कूल से अनुपस्थित रहता है। तो उसे तत्काल स्कूल पोर्टल से रिलीव कर दिया जाए। संचालनालय का फरमान देख अतिथि शिक्षकों में खलबली मच गई है। वे अपर संचालक के आदेश को तुगलकी फरमान बता रहे हैं। इधर मप्र.शिक्षक संघ के तहसील अध्यक्ष दिनेश कुमार शुक्ला ने कहा की अतिथि शिक्षक भी अन्य शिक्षकों की तरह बराबर काम करते हैं।अतिथि शिक्षक भी इंसान हैं, मशीन नही ।
वे भी बीमार हो सकते हैं। उनकी भी पारिवारिक जिम्मेदारियां होती है। किसी अतिथि शिक्षक का एक्सीडेंट हो जाए या परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाए तो क्या मानवीय मूल्यों को भुलाकर उन्हें स्कूल से वाहर कर देना उचित है। जबकि अतिथि शिक्षकों के पास न अवकाश की पात्रता है।
ओर न ही कोई मूलभूत सेवा सुविधा उपलब्ध है। संघ के तहसील सचिव शुक्ला ने कहा है कि उक्त आदेश को बदला जाए। या उसमें मानवीय संशोधन किया जाए। किसी भी कार्यवाही से पूर्व लिखित सूचना , स्पष्टीकरण ओर निष्पक्ष जांच अनिवार्य की जाए। उक्त आदेश पर पुनः विचार नही किया जाने की दशा में शिक्षक संघ अतिथि शिक्षको के अधिकारों की रक्षा हेतु उनके साथ खड़ा नजर आएगा।
