
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने सुनवाई का मौका दिए बिना रिकवरी का आदेश निकालने को अनुचित बताते हुए उस पर रोक लगा दी। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव, एपीएस विश्वविद्यालय रीवा के रजिस्ट्रार, यूजीसी व अन्य को नोटिस जारी कर पेश करने के निर्देश दिये है।
रीवा निवासी राकेश कुमार कटारे की ओर से अजय रायजादा एवं अंजना श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता की नियुक्ति 1993 में लेक्चरर के रूप में हुई थी। बाद में एसोसिएट प्रोफेसर और फिर प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति दी गई। इस दौरान वेतनमान भी बढ़ाया गया। दलील दी गई कि विश्वविद्यालय ने 17 अक्टूबर 2025 को बिना कोई पूर्व सूचना के रिकवरी का आदेश जारी कर दिया। पूरे मामले का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश देते हुए अनावेदकों से जवाब तलब किया है।
