रीवा एवं शहडोल संभाग एकल नलजल योजना में नीचे पायदान पर

रीवा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी नरहरि ने भोपाल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रीवा एवं शहडोल संभाग में एकल ग्राम नलजल योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा में पूरे किए जाएं. इसकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी. जिन संविदाकारों के कारण कार्य में विलंब हो रहा हो उनके विरूद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें. वीडियो कान्फ्रेंसिंग में श्री नरहरि ने कहा कि रीवा एवं शहडोल संभाग एकल नलजल योजना में प्रदेश के अन्य संभाग में अपेक्षाकृत निचले पायदान पर हैं. उन्होंने संभागायुक्तों से अपेक्षा की कि वह योजना की प्रगति की नियमित मानीटरिंग करें ताकि सभी कार्य समय सीमा में पूर्ण हो सकें.

प्रमुख सचिव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कहा कि भारत सरकार की हर घर शुद्ध जल पहुंचाने की यह महत्वपूर्ण योजना है. इसमें प्रदाय की गई राशि का पूरी तरह से सदुपयोग हो तथा समय सीमा में ग्रामवासियों को शुद्ध जल मिल सके. उन्होंने कहा कि रीवा संभाग में एकल नलजल योजना अन्तर्गत घरेलू नलजल के 60148 कार्य शेष हैं. अभियान चलाकर कार्य को गति देते हुए 31 मार्च 2026 तक सभी कार्य पूरे कर लिए जाएं. वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कलेक्टर रीवा प्रतिभा पाल ने बताया कि रिवीजन में लिए जाने के कारण नई निविदा के कार्य से देरी हुई है. इनमें से 17 हजार कनेक्शन मार्च तक तथा शेष 10 हजार कनेक्शन जून माह तक पूरे करा लिए जाएंगे. प्रमुख सचिव ने रीवा एवं शहडोल संभाग में एकल नलजल योजना के पूर्ण कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि पूरी हो गई योजनाओं का समारोहपूर्वक ग्राम पंचायत को हस्तांतरण किया जाए.

इस अवसर पर कमिश्नर बीएस जामोद ने आश्वस्त किया कि लगातार मानीटरिंग कर कार्य को समय सीमा में पूरा करा लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पाइपलाइन की उपलब्धता न होने के कारण कार्य में विलंब हुआ है. अधीक्षण यंत्री को भी नियमित मानीटरिंग के निर्देश दिए गए हैं. वीडियो कान्फ्रेंसिंग में कमिश्नर कार्यालय के व्हीसी कक्ष में कलेक्टर मैहर रानी बाटड, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय, संयुक्त आयुक्त दिव्या त्रिपाठी, अधीक्षण यंत्री महेन्द्र सिंह उपस्थित रहे तथा संबंधित जिलों के कलेक्टर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे.

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