नयी दिल्ली, (वार्ता) मशहूर एथलीट रूपिंदर पाल सिंह और रोहित टोकस ने आज फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल के 62वें संस्करण में भाग लेते हुए कहा कि 20 साल के लंबे अंतराल के बाद 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल करना ओलंपिक कराने के सपने को गति देगा।
रूपिंदर पाल सिंह ने आज यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल के तहत साइकिल चालकों के एक बड़े समूह का नेतृत्व करने के बाद साई मीडिया से कहा कि भारत सरकार के जबर्दस्त प्रयास और खेल मंत्रालय, इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) और नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन की सम्मलित प्रयासों से देश को इस स्पर्धा की मेजबानी मिली है और यह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2036 में देश में ओलंपिक कराने के सपने को पूरा करने में गति देने का काम करेगा।
उन्होंने कहा, “आज आईजी स्टेडियम में 500 से अधिक लोगों को मेरे साथ साइकिल चलाते देखकर मुझे खुशी हुई। फिट इंडिया मूवमेंट का मुख्य मकसद लोगों को अपनी पर्सनल फिटनेस के लिए कम से कम 30 मिनट से 1 घंटा देने के लिए बढ़ावा देना है, जो बहुत जरूरी है जब हम लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोतरी देख रहे हैं। मैं सभी से अपील करूंगा कि फिटनेस को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं, खुद को स्वस्थ्य रखने के लिए कोई न कोई फिटनेस एक्टिविटी करें। मैं ईएसआईसी को भी 75 साल की शानदार सर्विस पूरी करने के लिए बधाई देना चाहूंगा।”
उन्होंने कहा, “कॉमनवेल्थ गेम्स 20 साल के अंतराल के बाद इंडिया में हो रहे हैं, जो सभी इंडियन स्पोर्ट्सपर्सन के लिए बड़ी खबर है। यह मोदी सरकार, खेल मंत्रालय, आईओए और राष्ट्रीय फेडरेशन की मिलकर की गई कोशिशों की वजह से ही मुमकिन हो पाया है। जब भारत ने 2010 में कॉमनवेल्थ गेग्स कराया था, तब मैंने अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू नहीं किया था और जिन खिलाड़ियों को अपने घरेलू प्रसंशसकों के सामने मुकाबला करने और पदक जीतने का मौका मिलेगा, उनके लिए यह सबसे यादगार मौका है जिसकी वे उम्मीद कर सकते हैं। हमने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 100 पदक जीते थे और मुझे विश्वास है कि हम 2030 में भी ऐसा ही प्रदर्शन करेंगे।”
उन्होंने कहा, “बर्मिंघम एडिशन के बाद से हॉकी और शूटिंग को कॉमनवेल्थ गेम्स से हटा दिया गया था, जहां भारत ने ऐतिहासिक रूप से बहुत सारे मेडल जीते हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि ये खेल 2030 में वापस आएंगे, जिससे हमारे खिलाड़ी और मोटिवेट होंगे। कुल मिलाकर, यह सभी भारतीय खिलाड़ियों के लिए बहुत अच्छी खबर है।”
साइक्लिंग का 62वां संस्करण एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (ईएसआईसी) के साथ देशभर में 1000 से अधिक जगहों पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर रूपिंदर के साथ ईएसआईसी के डायरेक्टर जनरल अशोक कुमार सिंह, खेलो इंडिया के डिप्टी डायरेक्टर जनरल मयंक श्रीवास्तव के अलावा फिट इंडिया चैंपियन तन्वी तुतलानी और अतुल जिंदल भी शामिल हुए।
रोहित टोकस ने कहा, “हम एथलीट्स के लिए यह बहुत मोटिवेटिंग है कि चार साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स इंडिया आ रहे हैं। हमें घरेलू दर्शकों के सामने खेलना और जब आप कम्पीट कर रहे हों तो उन सभी का आपको चीयर करना, किसी भी स्पोर्ट्सपर्सन के लिए जिदगी भर का अनुभव होता है। यह रोंगटे खड़े कर देने वाला मोमेंट है। बॉक्सर्स ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार अच्छा परफॉर्म किया है और मुझे यकीन है कि हम 2030 में गुजरात में बेहतर परफॉर्म करेंगे। साथ ही, जब कोई देश इतने बड़े लेवल के इवेंट को होस्ट करता है तो स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होता है जैसा कि हमने दिल्ली 2010 एडिशन के दौरान देखा था। इससे और यंगस्टर्स स्पोर्ट्स को अपनाने के लिए अनुभव होता हैं।”
