
उज्जैन। पिछले दिनों की तरह एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के संकेत मौसम वैज्ञानिकों द्वारा दिए जा रहे हैं। रविवार को पश्चिमी विक्षोभ के दो सिस्टम एक्टिवेट हुए हैं। जिसके चलते आज शाम से फिर मौसम में बदलाव आ सकता है। लगातार बदल रहे मौसम की सबसे अधिक मार किसानों पर पड़ रही है।
पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से फरवरी माह में पाल-पाल मौसम बदलते दिखाई दे रहा है। शुक्रवार तक शहर में बारिश और ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि सिलसिला बना हुआ था। शनिवार को आसमान साफ होते ही तापमान में 7.5 डिग्री की तेजी दर्ज की गई थी। रविवार को भी तापमान 31 डिग्री पर दर्ज हुआ। इस बीच मौसम विशेषज्ञों ने फिर से पश्चिमी विक्षोभ की दो प्रणालियों के सक्रिय होने की जानकारी देते हुए फिर से मौसम में बदलाव आने का अलर्ट जारी कर दिया। रविवार को पश्चिमी विक्षोभ की दो प्रणालियों के एक्टिवेट होने के बाद सोमवार शाम से फिर बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम का मिजाज फरवरी माह के अंतिम दौर में भी अस्थिर बना हुआ है। फरवरी माह में चौथे दौर की बारिश शुरू होने की संभावना है। जिससे एक बार फिर तापमान में कमी आएगी। इस बार लगातार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने पर किसान सबसे बड़ी मुसीबत में दिखाई दे रहा है। माह के प्रथम सप्ताह में हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में गेहूं और चने की फसल को नुकसान पहुंचा था। किसान के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई थी जो दूसरे सप्ताह में और गहरी हो गई। कुछ दिन बाद ही तीसरा दौर बारिश और ओलावृष्टि का सामने आया और किसानो की कमर टूट गई। अब फिर से मौसम विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी कर दिया है। इस बार किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है।
