
ग्वालियर। सवर्ण समाज के एस4 संगठन ने रविवार को सामाजिक गोष्ठी का आयोजन इंद्रप्रस्थ गार्डन में किया। इस गोष्ठी में समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। यह आयोजन यूजीसी कानून को लेकर चल रहे विरोध के बीच हुआ।
गोष्ठी में शांभवी पीठ के पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप महाराज ने सवर्ण समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, भाजपा, सपा और बसपा जैसी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां सामान्य वर्ग के हितों की अनदेखी कर रही हैं। आनंद स्वरूप महाराज ने कहा कि ऐसे में समाज को एक अलग राजनीतिक विकल्प तैयार करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो जनप्रतिनिधि सामान्य वर्ग से आते हैं लेकिन समाज के मुद्दों पर आवाज नहीं उठाते, उन्हें भी जवाबदेह बनाया जाएगा। उन्होंने यूजीसी कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम सामने आएंगे।
आनंद स्वरूप महाराज ने उपस्थित लोगों से 8 मार्च को दिल्ली में प्रस्तावित यूजीसी विरोधी आंदोलन में बड़ी संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने चंबल की धरती को आंदोलन की भूमि बताते हुए कहा कि यहां से उठी आवाज अपने मुकाम तक अवश्य पहुंचती है। कार्यक्रम में करणी सेना, क्षत्रिय महासभा, कायस्थ महासभा जैसे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। वक्ताओं ने समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए आंदोलन को व्यापक स्वरूप देने की बात कही। गोष्ठी के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से चर्चा हुई और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। इसमे प्रमुख रूप से अखिलेश पाण्डे, अंबिका प्रसाद पचौरी, धर्मेन्द्र भारद्वाज, सुनील पटेरिया, एडवोकेट आशुतोष सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद थे।
