इंदौर: इंदौर शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े दोपहिया वाहन चालकों को धूप से राहत देने के लिए नगर निगम द्वारा ग्रीन नेट लगाई गई है. पिछले कुछ वर्षों से यह व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोगों को तेज धूप में कुछ छांव मिल सके. लेकिन अब यही ग्रीन नेट सुविधा के बजाय परेशानी और हादसे का कारण बनती नजर आ रही है.इसका ताजा उदाहरण लैंटर्न चौराहे पर देखने को मिला. यहां ग्रीन नेट को सही तरीके से नहीं बांधा गया, जिससे वह एक तरफ से निकल गई. नतीजतन, कई दोपहिया वाहन चालक इस ढीली नेट में उलझते नजर आए. स्थिति इतनी खतरनाक थी कि अगर किसी का ध्यान जरा भी भटकता, तो बड़ा हादसा हो सकता था.
बच्चों और परिवारों के लिए भी खतरा
कई वाहन चालकों के साथ बच्चे भी बैठे हुए थे. लोग किसी तरह नेट से बचते-बचाते निकलते दिखे. कुछ वाहन चालक तो इस परेशानी से बचने के लिए साइड से निकलने लगे, जिससे ट्रैफिक और अव्यवस्थित हो गया.
राहत कम, परेशानी ज्यादा
जहां यह नेट धूप से बचाव के लिए लगाई गई थी, वहीं यहां छांव से ज्यादा असुविधा देखने को मिली. कई लोगों को रुकने के बजाय जल्दी निकलने की कोशिश करते देखा गया, जिससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ गया.
नवभारत प्रतिनिधि ने देखा हालात
जब नवभारत के प्रतिनिधि इस चौराहे से गुजरे, तो उन्होंने देखा कि वाहन चालक नेट के नीचे से सावधानीपूर्वक निकल रहे थे. कुछ लोग नेट को हटाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बार-बार ढीली होकर नीचे आ जा रही थी. इस दौरान ट्रैफिक में अव्यवस्था साफ नजर आई.
नगर निगम की लापरवाही पर सवाल
नगर निगम की इस लापरवाही ने साफ तौर पर दुर्घटना को न्योता दिया है. गनीमत रही कि अब तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन जिस तरह के हालात बने, उससे यह स्पष्ट है कि अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो यह व्यवस्था जानलेवा साबित हो सकती है.
जरूरी है तुरंत सुधार
आते-जाते लोगों का कहना है कि या तो इन नेट्स को ठीक से बांधा जाए या फिर इन्हें हटाया जाए, ताकि वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. फिलहाल, यह सुविधा कम और खतरा ज्यादा बनती जा रही है
