तेल अवीव/ नयी दिल्ली, 22 फरवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 फरवरी को इज़रायल के महत्वपूर्ण दौरे पर जाएंगे। इस दौरान श्री मोदी इज़रायली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करने के साथ ही दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक तथा सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को कैबिनेट बैठक में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से दोनों देशों के रिश्ते और गहरे होंगे। उन्होंने कहा कि भारत-इज़रायल संबंध ‘ऐतिहासिक’ हैं और पिछले वर्षों में दोनों नेताओं के बीच लगातार संवाद और आपसी यात्राओं से संबंध काफी मजबूत हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी इजरायल यात्रा के दौरान यरुशलम में आयोजित एक इनोवेशन कार्यक्रम में भाग लेंगे और होलोकॉस्ट स्मारक ‘याद वाशेम’ का भी दौरा करेंगे। श्री मोदी बुधवार शाम शाम नेसेट को संबोधित करेंगे।
श्री नेतन्याहू के अनुसार इस यात्रा में हाई-टेक (उच्च तकनीक) क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष जोर रहेगा। दोनों देश कृत्रिम बौद्धिकता (एआई) और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सहयोग समय की जरूरत है और इज़रायल दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होना चाहता है।
श्री नेतन्याहू ने श्री मोदी की इस यात्रा को व्यापक क्षेत्रीय रणनीति से जोड़ते हुये कहा कि इज़रायल भारत, अरब देशों, अफ्रीकी देशों, ग्रीस-साइप्रस जैसे भूमध्यसागरीय साझेदारों और अन्य एशियाई देशों के साथ मिलकर सहयोग का एक बड़ा नेटवर्क बनाना चाहता है, ताकि क्षेत्रीय चुनौतियों से मिलकर निपटा जा सके।
विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को नयी दिशा दे सकता है तथा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।
