
नामली। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार रात्रि से शुरू हुई बूंदाबांदी शुक्रवार को तेज बारिश में तब्दील हुई। लगातार बारिश ने गेहूं, लहसुन, मटर, राईडा सहित रबी की फसलें को नुकसान पहुंचाया हैं। खेतों में खड़ी फसलें बारिश और पानी भराव के कारण आड़ी पड़ गई, जिससे उत्पादन पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। कई स्थानों पर गेहूं की बालियां जमीन पर बिछ गईं तो लहसुन की फसल में सडऩ की स्थिति बन गई है। किसानों का कहना है कि गत वर्ष भी अधिक वर्षा के कारण प्राकृतिक आपदा से फसलें नष्ट हो चुकी थीं। इस वर्ष अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बे-मौसम बारिश ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। क्षेत्र के कांग्रेस जिला समन्वयक भारत जोड़ो यात्रा एवं किसान नेता बंटी डाबी ने किसानों के खेतों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान किसान ईश्वरलाल कुमावत के खेत में करीब 10 बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह खराब पाई गई।
मावठे की बारिश से फसल नुकसान का आंकलन जारी
मावठे की बारिश से हुई फसल क्षति का आंकलन करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा लगातार मौके पर जाकर निरीक्षण किया जा रहा है। जिले की सभी तहसीलो में संयुक्त दल द्वारा भ्रमण कर फसल क्षति का आंकलन किया गया । दल सभी गांवो का चरणबद्ध तरीके से भ्रमण करेगा एवं फसल की जानकारी कलेक्टर कार्यालय को तहसीलदार के माध्यम से प्रेषित की जाएंगी। दल ने जिले के कई ग्रामों में पहुंचकर फसल का निरीक्षण किया।
