मोदी का उच्च शिक्षा के लिए मातृभाषा में ‘एआई टूल्स’ का विस्तार करने का आह्वान

नयी दिल्ली 20 फरवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के स्टार्ट अप प्रमुखों से भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर बल देते हुए उच्च शिक्षा के लिए मातृभाषा में ‘एआई टूल्स’ का विस्तार करने का आह्वान किया है। श्री मोदी ने शुक्रवार सुबह यहां सेवा तीर्थ में एआई और डीपटेक स्टार्टअप के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ एक गोलमेज बैठक की। प्रधानमंत्री ने साहसिक कदम उठाने और प्रभावशाली समाधान विकसित करने वाले नवप्रवर्तकों को बधाई दी। उन्होंने कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में एआई प्रौद्योगिकी के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की, जिसमें मृदा स्वास्थ्य की रक्षा के लिए फसल उत्पादकता और उर्वरक उपयोग की निगरानी शामिल है। भारतीय भाषाओं और संस्कृति को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने मातृभाषा में उच्च शिक्षा के लिए एआई टूल्स के विस्तार का आह्वान किया।

श्री मोदी ने अधिकारियों के साथ बातचीत में सुदृढ़ डेटा प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया और उन्हें गलत सूचनाओं के प्रति सावधान करते हुए भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने का आग्रह किया। यूपीआई को सरल और विस्तार योग्य डिजिटल नवोन्मेषण का एक मॉडल बताते हुए उन्होंने भारतीय कंपनियों में विश्वास जताया और घरेलू उत्पादों पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने की बात भी कही और भारतीय स्टार्टअप में निवेशकों की मजबूत रुचि का उल्लेख किया। इस गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख स्टार्ट अप जनसंख्या से संबंधित चुनौतियों का समाधान कर रहे हैं। स्वास्थ्य सेवा में वे उन्नत निदान, जीन थेरेपी और कुशल रोगी रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए एआई का उपयोग करते हैं जिससे कि अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण देखभाल पहुंचाई जा सके। कृषि क्षेत्र में, वे उत्पादकता बढ़ाने और जलवायु जोखिमों के प्रबंधन में सहायता के लिए भू-स्थानिक और ‘अंडरवॉटर इंटेलीजेंस’ का लाभ उठाते हैं। इस समूह में साइबर सुरक्षा, नैतिक एआई, अंतरिक्ष, न्याय और शिक्षा तक स्थानीय भाषा में पहुंच के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण और उद्यम उत्पादकता को सुदृढ़ करने के लिए पुरानी प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर केंद्रित उद्यम भी शामिल हैं। ये सभी मिलकर एक ऐसे इकोसिस्टम का प्रतिनिधित्व करते हैं जो स्थानीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए एआई-संचालित नवोन्मेषण में वैश्विक नेतृत्व का निर्माण करता है।

एआई स्टार्टअप ने भारत द्वारा अपने कृत्रिम बुद्धिमत्ता इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस सेक्टर के तीव्र विस्तार और अपार संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि एआई नवोन्मेषण और तैनाती की वैश्विक गति तेजी से भारत की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि देश अब एआई विकास के लिए एक सहायक और गतिशील वातावरण प्रदान करता है, जिससे वैश्विक एआई परिदृश्य में इसकी मजबूत उपस्थिति स्थापित हो रही है। उन्होंने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट की भी प्रशंसा की और इसे एआई से संबंधित वैश्विक चर्चाओं को आकार देने में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतिबिंब बताया।
बैठक में एब्रिज, अदालत एआई, ब्रेनसाइटएआई, क्रेडो एआई, एका केयर, ग्लीन, इनोगल, इनवीडियो, माइको, ओरिजिन, प्रोफेज़, रासेन, रूब्रिक, सैटश्योर, सुपरनोवा और साइफा एआई के सीईओ और संस्थापक उपस्थित थे। प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा, प्रधान सचिव- द्वितीय शक्तिकांत दास और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी बैठक में उपस्थित थे।

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