
सुरेश पाण्डेय पन्ना। कलेक्टर सुरेश कुमार ने जंगल मद की जमीन को अवैध तरीके से निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराने के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि को पुनः जंगल मद में दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
इस संबंध में तीन लोगों धरमू कुर्मी निवासी सुनहरा, मुन्ना कुशवाहा निवासी पुरुषोत्तमपुर और श्रीकांत दीक्षित निवासी टिकुरिया मोहल्ला को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्हें 15 सितंबर को अपना जवाब और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी के प्रतिवेदन में स्पष्ट हुआ कि सर्वे नंबर 520 की 228.71 एकड़ भूमि 1955-56 से शासन के जंगल मद में दर्ज थी। बाद में बिना सक्षम आदेश के भूमि कुछ व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दी गई, जो फर्जी प्रविष्टि प्रतीत होती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ऐसी भूमि का अन्य उपयोग संभव नहीं है और कृषि हेतु भी इसका आवंटन प्रतिबंधित है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि नोटिस ग्रहीता अपनी वैधता सिद्ध नहीं कर पाते, तो यह भूमि पुनः शासन के नाम दर्ज की जाएगी।
