भोपाल: इंदौर प्रवास के दौरान राज्यपाल मंगूभाई पटेल की आवभगत में सामने आई गंभीर लापरवाहियों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदौर प्रशासन ने छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जबकि रेसीडेंसी कोठी में सेवाएं दे रही सर्विस प्रोवाइडर कंपनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।जानकारी के अनुसार मंगुभाई पटेल 16 फरवरी को इंदौर में रात्रि विश्राम पर थे।
इस दौरान प्रोटोकॉल, स्वच्छता और अतिथि सत्कार की व्यवस्थाओं में कमी की शिकायत सामने आई। बताया गया कि जहां राज्यपाल ठहरे थे, वहां साफ-सफाई का अभाव था, चादरें तक अस्वच्छ पाई गईं और भोजन व्यवस्था में भी लापरवाही देखी गई। यहां तक कि अतिथियों को ठंडी चाय परोसे जाने की बात भी सामने आई। शिकायत के बावजूद तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिससे राज्यपाल ने नाराजगी जताई।
मामले की सूचना कलेक्टर शिवम वर्मा को दी गई, जिसके बाद जांच कर कार्रवाई शुरू की गई। एडिशनल कलेक्टर रोशन राय ने बताया कि कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच के आधार पर डिप्टी कलेक्टर सीमा कनेश मौर्य, तहसीलदार रोशन सोनी, श्रम निरीक्षक संजय पाटिल, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अजय अस्थाना, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी और सिविल सर्जन डॉ. जीएल सोढ़ी को नोटिस जारी किया गया है।
रेसीडेंसी कोठी में सेवाएं दे रही रतन एम्पोरियम कंपनी को भी हटाने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही कंपनी के लंबित भुगतान से कटौती करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
गौरतलब है कि राज्यपाल देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने इंदौर पहुंचे थे। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने भविष्य में प्रोटोकॉल और आतिथ्य व्यवस्थाओं को और सख्ती से लागू करने की बात कही है।
