भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पत्रकारों से कहा कि यह बजट गरीब, महिला, युवा और किसान को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है तथा प्रदेश को समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकासशील बनाने की मजबूत नींव रखता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए पूंजीगत व्यय बढ़ाया है, जिससे आधारभूत संरचना, रोजगार और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कृषि, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के रोजगार, सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बजट संपन्न और सुखद मध्यप्रदेश के विजन को साकार करने वाला है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिकार, सड़क निर्माण और सामाजिक योजनाओं के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम ने बजट को रोलिंग बजट की अवधारणा पर आधारित बताते हुए कहा कि राज्य की आर्थिक वृद्धि दर में करीब 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है और वर्ष 2026-27 में पूंजीगत व्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 4.58 प्रतिशत अनुमानित है। राजकोषीय घाटा भी निर्धारित सीमा 3.1 प्रतिशत के भीतर रखा गया है, जो वित्तीय अनुशासन का संकेत है।बजट में कृषि और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए फसल बीमा के लिए 1379 करोड़ रुपये तथा कृषि क्षेत्र के लिए अन्य वित्तीय संसाधनों सहित लगभग 11,513 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अंचलों में भूमि अधिकार देने की अभिनव योजना के तहत करीब 3000 करोड़ रुपये की लागत से पात्र लोगों को मालिकाना हक दिलाने और रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार उठाने की घोषणा भी की गई है।
साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहना योजना हेतु 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान, बच्चों के पोषण के लिए “यशोदा दुग्ध परिवार योजना”, रोजगार सृजन के लिए आजीविका मिशन व रोजगार योजनाओं पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये तथा सड़क, पर्यटन, पर्यावरण और सांस्कृतिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार का दावा है कि यह बजट समृद्ध, सुखद और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
