
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (वार्ता) कूनो नेशनल पार्क में तीन शावकों के जन्म के बाद चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गयी है। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बुधवार को कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीकी चीता और दूसरी बार मां बनी गामिनी के तीन चीते के बच्चों के जन्म की घोषणा की। श्री यादव ने सोशल मीडिया पर यह खबर साझा करते हुए ने लिखा, “कूनो में तीन नये शावकों का स्वागत हुआ, दक्षिण अफ्रीका से चीतों के आने के तीन साल पूरे होने के मौके पर कुनो में एक नया अध्याय शुरू हुआ।”
कूनो में गामिनी ने दूसरी बार शावकों को जन्म दिया है। इससे पहले मार्च 2024 में उसने छह शावकों को जन्म दिया था। श्री यादव ने कहा कि इन नये शावकों के साथ, भारत में अफ्रीकी मूल के चीतों से पैदा हुए जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गयी है, जिससे भारत में चीतों की कुल संख्या 38 हो गयी है। इस महीने की शुरुआत में, सात फरवरी को, नामीबिया की चीता आशा ने कूनो में पांच शावकों को जन्म दिया, जिससे संख्या और बढ़ गयी। भारत में चीतों को फिर से लाने की कोशिश, प्रोजेक्ट चीता के तहत शुरू की गयी है, जिसका मकसद उस प्रजाति को फिर से ज़िंदा करना है जिसे 1952 में देश में विलुप्त घोषित कर दिया गया था। इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीतों को लाने के साथ औपचारिक रूप से शुरू किया गया था, इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को छोड़ा गया था।
अब तक, अफ्रीका से कुल 20 चीतों को दूसरी जगह भेजा जा चुका है। मंत्री के अनुसार, इस साल फरवरी में बोत्सवाना से आठ और चीतों के आने की संभावना है। आधिकारिक तारीख हालांकि अभी पता नहीं है। जब से यह प्रोजेक्ट शुरू हुआ है, नौ बड़े चीते, जिनमें से चार नामीबिया से और पांच साउथ अफ्रीका से थे, दस बच्चों के साथ मर चुके हैं, जिससे इस प्रजाति को फिर से लाने में आने वाली पारिस्थितिकी और अनुकूलन चुनौतियों का पता चलता है।
