बंदियों ने पीपल के पत्ते को सुखाकर उस पर देवी-देवता और महापुरुषों के चित्र उकेरे  

उज्जैन। दशहरा मैदान पर वन विभाग द्वारा आयोजित 6 दिवसीय वन मेले में अकाष्ठीय वनोपज, ग्रामीण आजीविका, हर्बल उद्यमिता, संरक्षण, प्रसंस्करण और विपणन के स्टॉल के साथ ही केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के बंदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों को मेले में आने वाले लोग पसंद कर रहे है। विभिन्न उत्पादों के माध्यम से जेल के बंदी अब आत्मनिर्भर बन रहे है।

वन विभाग द्वारा आयोजित 06 दिवसीय महाकाल वन मेले में 250 भव्य, आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। मेला परिसर में केंद्रीय जेल भैरवगढ़ का स्टॉल भी लगा है। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के सहायक जेलर सुरेश गोयल ने बताया कि जेल में बंदी कलाकारों द्वारा बनाई गई पीपल के पत्ते पर चित्रकला को लोगों द्वारा पसंद किया जा रहा है। पीपल के पत्ते को सुखाकर उस पर देवी-देवता और महापुरुषों के चित्र उकेरे जाते हैं। पीपल के पत्ते पर निर्मित आकर्षक चित्रकारी फ्रेमिंग सहित 350 रुपए में उपलब्ध होती है। गोयल ने बताया कि चित्रकारी का काम करीब 20 बंदियों द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा एलइडी बल्ब, विभिन्न मसाले, दरी, बेडशीट, आसन, बटिक प्रिंट और मूर्तियां बनाकर मेले और अन्य अवसरों पर विक्रय किया जाता है। जिससे जेल में बंदी भी आत्मनिर्भर हो रहे है।

मेले में आने वाले आगंतुक आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के माध्यम से उनके गुण धर्म के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। जिला आयुष अधिकारी डॉ. मनीषा पाठक ने बताया कि ओपीडी क्षेत्र में आयुष विभाग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सकों के द्वारा चिकित्सकीय परामर्श के साथ नि:शुल्क औषधियों का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मेले में आने वाले रोगी त्वचा रोगों, गर्दन दर्द, कमर दर्द, घुटने दर्द, आदि में विद्ध, अग्नि कर्म आयुर्वेद की परंपरागत चिकित्सा पद्धति के द्वारा लाभ उठा रहे हैं। यह मेला समृद्ध-वन, खुशहाल-जन की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान करते हुए वन और जन के मध्य सशक्त सहभागिता का सेतु बना हुआ है।

वन मेले में आयुष विभाग द्वारा नि:शुल्क परामर्श और उपचार की सुविधा

महाकाल वन मेला- 2026 के अंतर्गत जिला आयुष विभाग के माध्यम से मेले में 50 स्टॉल लगाकर नि:शुल्क परामर्श के साथ ही आयुर्वेदिक औषधियां दी जा रही है। विभाग के आयुर्वेदिक चिकित्सकों और स्टाफ के सदस्यों द्वारा 02 शिफ्ट में कार्य कर मेले में आने वाले रोगियों का उपचार किया जा रहा है। महाकाल वन मेला में जिला आयुष विभाग मध्य प्रदेश शासन के द्वारा आयुर्वेद अमृतानाम की अवधारणा को जीवंत करते हुए प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसमें दिनचर्या, ऋतुचर्या, अन्न जैसे सावा कोदो, कुटकी, रागी (मोटे अनाज और उनके उपयोग) की जानकारी, विरुद्ध आहार सिद्धांत और विरुद्ध आहार के सेवन से होने वाले रोग, मधुमेह प्रबंधन के सरल कदम, मानसिक रोगों के प्रबंधन में ध्यान एवं योग की भूमिका, योग ब्रेक मुख्य रूप से ऑफिस जाने वाले कर्मचारी कामकाजी पेशेवरों और डेस्क जॉब करने वालों बारे में जानकारी दी गई है।

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