
पड़ाना/ब्यावरा। सारंगपुर तहसील के पड़ानाशीर्षक बनाएं कस्बे के समीपस्थ ग्राम मऊ के कुछ ग्रामीणों के एकाएक बीमार होने के बाद कई अन्य आसपास के गांवों के ग्रामीणजन के भी बीमार होने का मामला सामने आया है. अधिकांशत: उल्टी दस्त और घबराहट की शिकायत हुई है. आधा दर्जन गांवों के लगभग 100 लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है. गुरुवार को प्रभावित तीन गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा केम्प लगाकर उपचार किया गया. प्रशासनिक अमला भी प्रभावित गांवों में पहुंचा है.
विभिन्न गांवों के बीमार ग्रामीणों के द्वारा भैंसवा धाम पर स्थित टंकी से पानी पीना तथा पानी पुरी व अन्य कुछ खाद्य सामग्री खाने की बात कही जा रही है किंतु इतनी बड़ी संख्या में ग्रामीणजनों के बीमार होने का कारण अभी भी रहस्यमय बना हुआ है.
उल्लेखनीय है कि भैंसवाधाम स्थित मेले में रविवार को टे्रक्टर ट्रॉली से ग्रामीणजन गये हुए थे. वहां से लौटने के बाद 45 से 50 ग्रामीणों को उल्टी-दस्त, घबराहट, चक्कर आने की शिकायत होने लगी. इनमें बड़े, बच्चे सभी शामिल है. प्रथम दृष्टया बीमार लोगों में अधिकांशत: द्वारा टंकी से पानी पीया था एवं कुछ ने पानी पुरी व अन्य चीजे खाई थी. ग्रामीणों के अनुसार बच्चों ने मेले में आईस्क्रीम भी खाई थी.
कई गांवों के ग्रामीणजन हुए बीमार
ग्राम मऊ ही नहीं इसके पूर्व ग्राम घट्टिया से करीब 50 ग्रामीणजन भैंसवा धाम मेले में गये हुए थे. जब यह ग्रामीण लौटकर गांव आये तो कई लोगों को उल्टी दस्त, घबराहट की शिकायत होने लगी. ग्राम मंग्याखेड़ी, घट्टिया, बीचपड़ी, कल्याणपुर के ग्रामीणों को भी भैंसवामाता मेले से लौटकर आने पर उल्टी दस्त, घबराहट होने की शिकायत हुई. बताया जाता है कि विगत दिवस बुधवार को ग्राम घट्टिया से कुछ ग्रामीणजन भैंसावाधाम मेले में पहुंचे थे. उन्होंने पानी की टंकी से पानी पीने के साथ ही अन्य कुछ खाने की चीज खाई थी. ग्राम घट्टिया निवासी विष्णु प्रसाद नागर के अनुसार उनके परिवार के बच्चे भी मेले में गये हुए थे. खुशी उम्र 15 वर्ष, संस्कार उम्र 12 वर्ष हर्षिता उम्र 12 वर्ष गये थे. जब यह मेले से लौटकर घर आये तो उनकी तबीयत बिगडऩे लगी. इनके द्वारा बच्चों को खुजनेर ले जाकर उपचार कराया गया. अभी भी उपचार जारी है.
अन्य जगहों पर पहुंचे उपचार हेतु
ग्रामीणजन भगवान सिंह पिता रतन सिंह राजपूत उम्र 45 वर्ष, दया पिता प्रताप सिंह राजपूत उम्र 10 वर्ष, रवीना पिता प्रताप सिंह उम्र 13 वर्ष, रचना पिता प्रताप सिंह उम्र 20 वर्ष, सरिता पति नरेन्द्र उम्र 27 वर्ष, पायल पति सचिन उम्र 21 वर्ष, नरसिंह पिता मानसिंह उम्र 42 वर्ष, शिला पति यशवंत सिंह उम्र 40 वर्ष, कृष्णाबाई पति कैलाशनारायण उम्र 46 वर्ष, संतोष बाइ पति ओमप्रकाश लोधी उम्र 48 वर्ष, गीताबाई पति कैलाश लोधी उम्र 38 वर्ष, बलराम पिता कैलाश लोधी उम्र 20 वर्ष, प्रीत पिता सचिन राजपूत उम्र 7 वर्ष तथा आयुष पिता राम लखन राजपूत उम्र 5 वर्ष का शाजापुर में उपचार चल रहा है.
पानी पुरी के सैम्पल भेजे जांच के लिए
जानकारी के आधार जिला खाद्य विभाग द्वारा मेले में लगने वाली कुछ दुकान से पानी पुरी, आलू चाट के सैम्पल लेकर उनको जांच हेतु भोपाल लैब भेजा गया है, इनकी जांच रिपोर्ट अभी आना है.
पीएचई के सप्लाई वाला पानी गुणवत्तापूर्ण
इस संंबंध में पीएचई का कहना है कि वहां पर मौजूद पीएचई के हेण्डपम्प, ट्यूबवेल आदि जल स्त्रोतो के पानी के सैम्पल की जांच की जा चुकी है, इनका पानी पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण पाया गया है. हालांकि जिस टंकी का पानी पीने की बात कही जा रही है उक्त टंकी में पानी की सप्लाई जल मिशन के द्वारा किया जाना बताया जाता है.
अचानक बीमार होने से दहशत में लोग
एकाएक इतने गांवों में इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से लोग दहशतजदा है, किसी के कुछ समझ नहीं आ रहा है कि किस वजह से ऐसा हुआ है. प्रभावित गांव एवं पीडि़तो की संख्या में बढऩे से लोग और चिंतित है.
सैम्पल लेकर उपचार किया
गुरुवार को मंग्याखेड़ी, कल्याणपुर, मऊ में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची तथा बीमार लोगों के ब्लड सैम्पल लेकर उपचार किया गया. जिला महामारी नियंत्रक अधिकारी डा. महेन्द्रपाल सिंह केे अनुसार अभी तक ग्राम मंग्याखेड़ी में 35, कल्याणपुर में 20 तथा ग्राम मऊ में 24 लोगों में उल्टी दस्त, घबराहट होने की शिकायत होना सामने आया है. सभी का उचित उपचार जारी है.
जांच के बाद भी स्थिति स्पष्ट होगी
पीएचई द्वारा भैंसवाधाम पर स्थित उनके पेयजल स्रोतो का पानी जांच में गुणवत्तापूर्ण पाए जाने की बात कही है, वहीं खाद्य विभाग का कहना है कि उनके द्वारा पानी पुरी, आलू चाट के सैम्पल लेकर जांच के लिए भेजे है, जांच रिपोर्ट आना शेष है. इस तरह सैम्पल की जांच रिपोर्ट आने तथा अन्य जांच के बाद ही इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने का स्पष्ट कारण सामने आ पाएगा.
