नयी दिल्ली, 12 फरवरी (वार्ता) सरकार ने साल 2024 के आधार पर खुदरा महंगाई की नयी सीरीज में कई बदलाव किये हैं जिसमें खाद्य पदार्थों और शिक्षा वर्गों के भारांश कम कर दिये गये हैं जबकि ई-कॉमर्स की कीमतों को पहली बार मुद्रास्फीति की गणना में शामिल किया गया है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने जनवरी 2026 के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पुरानी सीरीज में 299 वस्तुओं एवं सेवाओं को जगह दी गयी थी जबकि नयी सीरीज में 358 वस्तुओं एवं सेवाओं को शामिल किया गया है। इसमें वस्तुओं की संख्या 259 से बढ़ाकर 308 और सेवाओं की संख्या 40 से बढ़ाकर 50 की गयी है। खाद्य एवं पेय पदार्थों का भारांश 45.86 से घटाकर 36.75 कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इस वर्ग की महंगाई का सकल महंगाई दर पर पहले के मुकाबले कम असर होगा। शिक्षा सेवाओं तथा वस्तुओं का भारांश भी कम किया गया है जबकि स्वास्थ्य का भारांश बढ़ाया गया है।
पुराने विविध समूह से शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, घरेलू वस्तुओं एवं सेवाओं को अलग कर दिया गया है। अब इस मुख्य समूह को व्यक्तिगत प्रसाधन, सामाजिक सुरक्षा और विविध वस्तु एवं सेवा नाम दिया गया है। इसका भारांश 28.32 से घटाकर 5.04 हो गया है। इसमें सोना-चांदी भी शामिल हैं। अलग किये गये स्वास्थ्य वर्ग का भारांश 6.10 प्रतिशत तय किया गया है, पहले इसे उपवर्ग को 5.89 भारांश दिया गया था। शिक्षा का भारांश 4.46 से घटाकर 3.33 किया गया है। परिवहन एवं संचार उपवर्ग को पहले 8.59 भारांश मिला था। अब परिवहन को 8.80 और सूचना एवं संचार को 3.61 का भारांश दिया गया है। ईंधन एवं बिजली वर्ग (भारांश 6.84) को समाप्त कर आवास, जल, बिजली, गैस एवं अन्य ईंधन का नया वर्ग बनाया गया है जिसे 17.67 का भारांश दिया गया है। पहले आवास को 10.07 का भारांश दिया गया था और यह सिर्फ शहरी आवास की लागत को जगह मिली थी। अब ग्रामीण इलाकों में आवास के किराये को भी नयी सीरीज में जगह दी गयी है।
कपड़ों और जूते-चप्पलों के वर्ग का भारांश 6.53 प्रतिशत से घटाकर 6.38 प्रतिशत किया गया है। पान तंबाकू और नशीले पदार्थों के वर्ग का भारांश 2.38 प्रतिशत से बढ़ाकर 2.99 कर दिया गया है।
नयी सीरीज में रेस्त्रां एवं होटलों आदि की आवासीय सेवा का नया वर्ग बना है जिसे 3.35 का भारांश दिया गया है। मनोरंजन खेल एवं संस्कृति वर्ग को 1.52 और फर्निशिंग, घरेलू उपकरण एवं नियमित घरेलू रखरखाव श्रेणी को 4.47 भारांश दिया गया है। एनएसओ ने बताया कि इस विस्तार से मुद्रास्फीति के आंकड़ों में सेवा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मजबूत होता है जो आज से समय में घरेलू खर्च में अधिक हिस्सेदारी रखते हैं। डिजिटल एवं प्रशासनिक स्रोतों पर उपलब्ध आंकड़ों जैसे टेलीफोन शुल्क, रेल किराया, हवाई किराया, ईंधन, डाक शुल्क और ऑनलाइन मीडिया तथा ओटीटी सेवा आदि को भी नयी सीरीज में ज्यादा प्रमुखता मिली है।
खास बात यह है कि पहली बार 25 लाख से अधिक की आबादी वाले 12 शहरों में ऑनलाइन मार्केट प्लेस को भी एक बाजार माना गया है और वहां उपलब्ध मूल्य के आंकड़ों को गणना में जगह दी गयी है।

