नयी दिल्ली 10 फरवरी (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में बढते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा है कि यदि इस पर अंकुश लगाने के लिए समय रहते कदम नहीं उठाये गये तो यह एक बड़ा संकट बनकर उभरेगा। श्री शाह ने मंगलवार को यहां केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई ) के ‘साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटना और उसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करना’ विषय पर दो दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल साक्ष्यों में त्रुटि के कारण जब दोष सिद्धि नहीं होती है तो बहुत दिक्कत आती है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यदि हमने कदम नहीं उठाये तो साइबर क्राइम एक संकट बनकर उभरेगा।
उन्होंने कहा कि इस संकट पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी सब की है जिसमें कॉल सेंटरों की पहचना करना , जागरूकता लाना , कॉल को सुनने का समय कम करना , बैंक और आई 4सी के बीच अच्छा समन्व्य करना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह काम कोई एक विभाग नहीं कर सकता इसमें सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करना होगा।
गृह मंत्री ने कहा कि अब तक आई 4 सी ने बैंकों और फिनटैक जैसी 795 संस्थाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ा है। इन संस्थाओं में आई 4 सी की कॉल की प्राथमिकता और इस पर कार्रवाई करने के तंत्र को विकसित किये जाने की बहुत अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि हर संस्था को इसकी प्राथमिकता तय करनी होगी क्योंकि उपभोक्ता को सुरक्षित करना इन सभी संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
श्री शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय और रिज़र्व बैंक ने संयुक्त रूप से ‘म्यूल अकाउंट हंटर सॉफ़्टवेयर’ विकसित किया है। उन्होंने सरकार और निजी सभी बैंकों, सार्वजनिक उपक्रमाें और सहकारी संस्थाओं से इसे अपनाने तथा सभी बैंक खातों की इससे जांच करने को कहा।
उन्होंने कहा कि सीबीआई और एनआईए को देश भर की एजेंसियों के साथ मिलकर साइबर अपराधों को रोकने के लिए एक साझा तंत्र विकसित करना होगा जिससे डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित बनाया जा सके।
गृह मंत्री ने कहा कि साइबर धोखाधड़ी को रोकने में समय बहुत महत्वपूर्ण कारक है इसके लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच जागरूकता बढाना जरूरी है। साथ ही जनता को भी जागरूक किये जाने की जरूरत है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सीबीआई की यह पहल आई 4 सी को साथ में लेकर आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल करेगी।
