
सीधी। जिले के वन क्षेत्रों में लकड़ी तस्करों का गिरोह लम्बे समय से सक्रिय है, वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी जानकारी मिलने के बाद भी कार्यवाही नहीं करते है, जिसका जीता जागता उदाहरण सीधी रेंज के शिवपुरवा जनकपुर वन क्षेत्र का देखने को मिला है।
वन क्षेत्र से बेशकीमती लकड़ी सागौन के 23 नग पेड़ तस्करों द्वारा काटे गए हैं जिसकी सूचना जिले के मीडिया को मिल गई और वन विभाग को नहीं मिली। मीडिया द्वारा जब सागौन की लडक़ी कटने की जानकारी वन परिक्षेत्राधिकारी सीधी से ली गई तो वह यह कह कर पल्ला झाड़ लिए कि मेरी जानकारी में नहीं है। वहीं दूसरी ओर जब इसकी जानकारी वनरक्षक के.के.पनिका से ली गई तो वह गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि 23 नग पेड़ नहीं कटे हैं। चौकीदार ने बताया कि 6 नग पेड़ काटे गए हैं लेकिन जब उनसे कहा गया कि आप अपने वन क्षेत्र में गए थे क्या तो उन्होंने कहा कि अब जा रहा हूं। सूत्रों की मानें तो वनरक्षक इस मामले को पूरी तरह गोपनीय रख कर सलटाने में जुटे थे लेकिन जब उन्हें मीडिया से फोन आने लगे तो वह अब लीपापोती में जुट गए हैं। उल्लेखनीय हैं कि सागौन जैसे बेशकीमती लकड़ी कटने की जानकारी मिलने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर काटे गए वन क्षेत्र का निरीक्षण नहीं कर पाई। मीडिया द्वारा जब रेंजर एवं वनरक्षक से कार्यवाही की जानकारी चाही गई तो उनके द्वारा गोलमोल जवाब देकर मीडिया को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया। हालांकि अब विभाग द्वारा कार्यवाही किए जाने की बात कही जा रही है लेकिन अज्ञात व्यक्तियों के ऊपर वन अधिनियम के तहत कार्यवाही की जा रही है। जबकि वन क्षेत्र शिवपुरवा जनकपुर से सागौन के हरे वृक्षों की कटाई करने वाले के नाम चिन्हित हैं फिर भी वन विभाग द्वारा कार्यवाही करने में औपचारिकता निभाई जा रही है।
विभाग कर रहा कार्यवाही में लीपापोती
वन मण्डल सीधी के रेंज सीधी अंतर्गत जनकपुर शिवपुरवा के जंगल में बीती रात लकड़ी तस्करों ने मशीन लगाकर सागौन के हरे वृक्षों की कटाई कर थे जिसकी आवाज सुनकर ग्रामीण जंगल में पहुंचे तो लोगों आता देख लडक़ी तस्कर मौके से लकड़ी काटने वाली मशीन एवं परिवहन के लिए ले जाए गए वाहन ट्रैक्टर को लेकर भाग निकले। मजे की बात यह है कि इस मामले को लेकर विभाग वन रक्षक के के पनिका से बात हुई तो वह यह कह कर चुप्पी साध लिए कि सिर्फ 5-6 पेड़ ही कटे हैं जबकि वन क्षेत्र से आई तस्वीरें यह साफ बता रही हैं कि दर्जनों की संख्या में सागौन के हरे पेड़ काटे गए हैं।
इनका कहना है
कुचवाही-जनकपुर जंगल से अवैध रूप से सागौन वृक्षों को काटने की सूचना पर स्थानीय वन टीम द्वारा जप्ती कार्रवाई के पश्चात प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है।
रविन्द्र नाथ तिवारी, रेंजर, वन परिक्षेत्र सीधी
