जबलपुर: अनुसूचित जाति/जनजाति छात्र संघ ने मध्यप्रदेश के केबिनेट मंत्री डॉ. कुँवर विजय शाह के खिलाफ चल रहे मीडिया ट्रायल को लेकर उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है। छात्र संघ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मंत्री के भाषण में हुई भाषाई भूल को लेकर उनके द्वारा चार बार मांगी गई माफी को स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि डॉ. शाह पिछले 35 वर्षों से विधायक और अनुभवी मंत्री हैं, जिन्होंने आदिवासी बहुल्य क्षेत्रों के विकास में विशेष योगदान दिया है।
इसके बावजूद उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है, जो समाज में दुष्प्रचार का उदाहरण है। छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि प्रदेश की 37 प्रतिशत आदिवासी और दलित आबादी की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को यहीं समाप्त किया जाना चाहिए। मंत्री कुँवर विजय शाह को आदिवासी समाज के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में माना जाता है, और उनके समर्थकों का मानना है कि उनके कार्यों और देशभक्ति की भावना को नजरअंदाज करना अनुचित है।
