
उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व पर महाकाल मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए 200 कैमरो से नजर रखी जाएगी। महाशिवरात्रि की तैयारी को लेकर सोमवार को एडीजी ने बैठक आयोजित की और दिशा निर्देश जारी किये। बता दें कि श्रद्धालुओं के आगमन को लेकर जिला प्रशासन काफी सतर्क है। क्योंकि इस हिसाब से भीड़ बढ़ रही है। उसको देखते हुए ही व्यवस्था हो रही है।
बाबा महाकाल के दरबार में महाशिवरात्रि का पर्व 15-16 फरवरी को मनाया जाएगा। प्रशासन ने 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार को
पुलिस कंट्रोल रूम पर एडीजी राकेश गुप्ता की मौजूदगी में महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के साथ दर्शन व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, एएसपी गुरु प्रसाद पाराशर, आलोक शर्मा, सीएसपी स्तर के अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान अनुमान लगाया गया कि महाशिवरात्रि पर्व पर देशभर के 10 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। श्रद्धालुओं को बाबा के आसानी से दर्शन हो सके और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो इसको लेकर 1500 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में 150 महिला पुलिसकर्मी भी तैनात रहेगी। वीआईपी दर्शन व्यवस्था के लिए 250 पुलिसकर्मियों को जिम्मा सौंपा जाएगा। मंदिर के आसपास मार्गों पर यातायात व्यवस्था ना बिगड़े इसकी जिम्मेदारी यातायात के पुलिस जवानों पर रहेगी।
40 मिनट में दर्शन को मंथन
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 200 सीसीटीवी कैमरो के साथ पांच ड्रोन से निगरानी रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एआई प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। यातायात व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या को देखते हुए वाहन पार्किंग स्थल तैयार किया जा रहे हैं। मंदिर के आसपास और मार्गो पर व्यवस्था बनी रहे इसके लिए यातायात पुलिस लगातार निगरानी करेगी, भीड़ का दबाव बढ़ाते ही आने जाने वाले वाहनों का रूट बदलकर व्यवस्था संभाली जाएगी। बैठक के दौरान प्रशासन श्रद्धालुओं को 40 मिनट में दर्शन करने और विशेष मार्ग प्रणाली लागू करने की बात कही। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में मेडिकल हेल्थ पाइंट बनाए जाएंगे। वहीं दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों को आसानी से दर्शन इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।
