नयी दिल्ली, 08 फरवरी (वार्ता) केंद्रीय बजट में विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया गया है, इसका उद्देश्य तीन प्राथमिक स्तंभों ‘विनिर्माण, नवाचार और समावेशी विकास’ के माध्यम से भारत को एक विकसित राष्ट्र में बदलना है।
केंद्रीय रेल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु में एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय बजट 2026-27 के रणनीतिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुये यह बात कही।
श्री वैष्णव ने कहा कि बजट में विनिर्माण क्षेत्र, विशेषकर उच्च-तकनीकी उद्योगों के लिये महत्वपूर्ण प्रोत्साहन पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 जैसी प्रमुख घोषणाएं की गई हैं। इससे वैश्विक चिप विनिर्माण में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन के अगले चरण की रूपरेखा शीघ्र ही तैयार की जाएगी।
श्री वैष्णव ने कहा कि बजट में इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण के लिए आवंटित राशि 22,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये की गयी है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक इस निवेश का प्रमुख लाभार्थी है, जहां राज्य में इस क्षेत्र में पहले से ही लगभग 10,000 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है।
श्री वैष्णव ने कहा कि सरकार बायोफार्मा, हाई-टेक टूल रूम (उन्नत मशीनरी और डिजिटल तकनीक), शिपिंग (माल पहुंचाने) के लिए कंटेनर निर्माण के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगी।
श्री वैष्णव ने कहा कि आईटी उद्योग पारंपरिक सॉफ्टवेयर मॉडल से एआई-आधारित सेवाओं की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव देख रहा है। इसे बढ़ावा देने के लिए, बजट में आईटी क्षेत्र के लिए कर संरचनाओं को सरल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि एआई के लिए बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने के लिए, सरकार ने डेटा (आंकड़ों) केंद्रों के लिए नियमों को सरल बनाया है और घरेलू और विदेशी निवेशकों के साथ समान व्यवहार किया है।
श्री वैष्णव ने कहा कि कर्नाटक में रेलवे अवसंरचना में हो रहे महत्वपूर्ण बदलावों का विवरण देते हुए कहा कि कर्नाटक के लिए रिकॉर्ड तोड़ 7,748 करोड़ रुपये का रेलवे बजट घोषित किया गया है, जो 2009-2014 की अवधि के दौरान आवंटित औसत राशि से 9 गुना अधिक है। इससे विद्युतीकरण और सुरक्षा प्रमाणन के पूरा होने के बाद जल्द ही बेंगलुरु से मंगलुरु को जोड़ने वाली एक नई वंदे भारत सेवा शुरू हो जाएगी।
श्री वैष्णव ने बताया कि बेंगलुरु से चेन्नई और बेंगलुरु से हैदराबाद के बीच शुरू होने वाली दो प्रमुख हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को मंजूरी मिल गई है। इससे बेंगलुरु-चेन्नई की यात्रा में मात्र 73 मिनट और बेंगलुरु-हैदराबाद की यात्रा में लगभग 2 घंटे लगने की उम्मीद है।
