मुंबई, 07 फरवरी (वार्ता) देश के सबसे बड़े सार्वजनिक ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में एकल आधार पर 21,028 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ है जो किसी भी तिमाही का रिकॉर्ड है।
बैंक के निदेशकमंडल की शनिवार को हुई बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी प्रदान की गयी। इसमें बताया गया है कि तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर 24.49 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पिछले वित्त वर्ष में समान तिमाही में उसे 16,891 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
बैंक ने बताया कि तिमाही के दौरान उसका कुल कारोबार 103 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। कुल जमा 57 लाख करोड़ रुपये और कुल ऋण 46 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। छोटे तथा मझौले उद्यमों को दिये गये ऋण का आंकड़ा छह लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
तिमाही के दौरान ब्याज से बैंक की आमदनी 4.37 प्रतिशत बढ़कर 1,22,556 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। वहीं, उसने जमा पर ब्याज के मद में 77,365 करोड़ रुपये खर्च किये। इस प्रकार ब्याज से उसकी शुद्ध आमदनी 9.04 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 45,191 करोड़ रुपये रही।
एसबीआई ने दिये ऋण पर नुकसान के लिए तिमाही के दौरान 3,216 करोड़ रुपये का प्रावधान किया।
कुल ऋण उठाव में घरेलू कंपनियों को दिया गया ऋण 13.37 प्रतिशत बढ़कर 13,33,564 करोड़ रुपये और घरेलू खुदरा ग्राहकों को दिया गया ऋण 14.95 प्रतिशत बढ़कर 16,63,759 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। खुदरा ऋण में होमलोन 9,08,971 करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 14.65 प्रतिशत अधिक है।
कुल जमा में घरेलू ग्राहकों के चालू खातों और बचत खातों को योगदान 21,39,726 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले के मुकाबले 8.88 प्रतिशत अधिक है। घरेलू ग्राहकों के सावधि जमा की राशि 9.17 फीसदी की वृद्धि के साथ 33,28,126 करोड़ रुपये हो गयी।
गैर-निष्पादित परिसंपत्ति के मामले में बैंक के प्रदर्शन में सुधार हुआ है। सकल एनपीए का अनुपात दूसरी तिमाही के 1.73 प्रतिशत से घटकर 1.57 प्रतिशत पर आ गया है। शुद्ध एनपीए भी 0.42 प्रतिशत की तुलना में 0.39 फीसदी दर्ज किया गया।