शिवराज मेरे मित्र जैसे हैं: तन्खा

जबलपुर। माघ स्नान के दौरान शंकराचार्यजी या किसी भी धर्मगुरु के साथ इस तरह का व्यवहार अशोभनीय है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गंगा माँ सबकी हैं और शंकराचार्य जी को रोकना पूरी तरह गलत था। धर्म को कभी भी राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाना चाहिए और धार्मिक आस्थाओं का सम्मान सर्वोपरि है। ये सारी बातें राज्यसभा सांसद विवेक कृष्ण तन्खा ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहीं।

इस मौके पर उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुए मानहानि मामले में पहली बात अपनी बात सभी के सामने रखते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आग्रह और शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को देखते हुए उन्होंने मानहानि का केस वापस लिया है। इस दौरान श्री तन्खा ने ये भी स्पष्ट किया कि शिवराज सिंह से उनके संबंध मित्र जैसे हैं। संसद में उनकी शिवराज सिंह चौहान से सौहार्दपूर्ण मुलाकात हुई थी, जिसके बाद सकारात्मक चर्चा हुई और उन्होंने मुकदमा वापस लेने का निर्णय लिया था।

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