बार्सिलोना/मैड्रिड, 07 फरवरी (वार्ता) अमेज़न के घने जंगलों में तैयार होने वाला ‘अय्यावास्का’ पेय अब यूरोप के आलीशान होटलों तक पहुँच गया है और खासकर स्पेन, यूरोप के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है जहाँ कानूनी अस्पष्टता के कारण इसके सेवन संबंधी ‘रिट्रीट’ बड़े पैमाने पर आयोजित किए जा रहे हैं।
यूरोप के देशों में हाल के वर्षों में ‘अय्यावास्का’ पेय का सेवन एक वेलनेस प्रैक्टिस के रूप में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। यह अय्यावास्का पेय दक्षिण अमेरिका के अमेज़न बेसिन में मिलने वाली औषधियों से बनने वाला विशेष काढ़ा है। इसका उपयोग अमेज़न के स्थानीय समुदायों द्वारा सदियों से धार्मिक अनुष्ठानों और चिकित्सा के लिए किया जाता रहा है। अमेज़न के जंगलों की स्वदेशी परंपराओं से जुड़ी इस जड़ी-बूटी के काढ़े में डाईमिथाइलट्रिप्टामाइन (डीएमटी) होता है। यह पेय तीव्र मतिभ्रम और गहरे मनोवैज्ञानिक अनुभव पैदा करता है। इस कारण यह अधिकांश यूरोपीय देशों में प्रतिबंधित है। हालांकि, स्पेन और पुर्तगाल इसके अपवाद बने हुए हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार यूरोपीय यात्री अब पेरू या ब्राजील जाने के बजाय स्पेन को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके मुख्य कारणों में यात्रा के समय और खर्च में भारी कमी, यूरोपीय मानकों के अनुसार आवास, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं और सुरक्षा का होना है। इन रिट्रीट केंद्रों पर अक्सर डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक और विशेषज्ञ गाइड मौजूद रहते हैं। दरअसल स्पेन और पुर्तगाल में अय्यावास्का पेय का चलन स्पष्ट रूप से ‘वैध’ नहीं है, बल्कि यह एक ‘लीगल ग्रे ज़ोन’ में आता है। यानी वैधानिक रूप से इसके सेवन संबंधी नियम धुंधले हैं।
स्पेन की न्यायपालिका अक्सर इसके निजी और गैर-व्यावसायिक उपयोग को मादक पदार्थों की तस्करी या सार्वजनिक नुकसान से अलग मानती है और पुर्तगाल में इसे 2001 में व्यक्तिगत उपयोग के लिए नशीली दवाओं के कब्जे को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया था। इसके सेवन वाले रिट्रीट केंद्र अब स्पेन में फल-फूल रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह “छूट” काफी नाजुक है। राजनीतिक दबाव या किसी प्रतिकूल घटना की स्थिति में कानून कभी भी कड़ा किया जा सकता है। इसके अलावा, सांस्कृतिक उपभोग और सुरक्षा मानकों को लेकर भी बहस तेज हो गई है। पश्चिमी देशों में मशहूर हस्तियों द्वारा इसके उपयोग के खुलासे और मानसिक स्वास्थ्य पर बढ़ती चर्चाओं ने इस ‘स्पिरिचुअल टूरिज्म’ को नई ऊंचाई दी है। लेकिन यह पर्यटन आलोचना के घेरे में भी है।

