
सीधी। अंतत: आरोपों में घिरी डॉ.दीपारानी इशरानी से सिविल सर्जन का प्रभार छिन गया। जिला अस्पताल सीधी में प्रभारी सिविल सर्जन सह अधीक्षक की कार्यप्रणाली को लेकर की सरकार की ही छवि धूमिल हो रही थी।
उनके कई कार्यों को लेकर जांच चल रही है। ऐसे में आखिर राज्य शासन को डॉ.दीपारानी इशरानी के स्थान पर डॉ.एस.बी.खरे को फिर से सिविल सर्जन सह अधीक्षक का दायित्व सौंपना पड़ा। दरअसल दीपारानी इशरानी को प्रभारी सिविल सर्जन बनाये जाने के बाद से ही जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार लडख़ड़ायी हुयी थी। जिला अस्पताल में पदस्थ अधिकांश डॉक्टर मनमाफिक ड्यूटी कर रहे थे जिसके चलते मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं पाने के लिये काफी भटकना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा दयनीय हालत गंभीर मरीजों की स्वास्थ्य सेवा को लेकर बना हुआ था।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि जिला अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था एवं सफाई व्यवस्था के लिये पिछले वर्ष निविदा आमंत्रण के दौरान ही गड़बड़ी सामने आई थी। इसमें एक अपात्र फर्म को सिक्योरिटी और सफाई का जिम्मा दिया गया। उन पर लगे कई गंभीर आरोपों की शिकायत भोपाल तक पहुंचने के कारण उस पर जांच भी चल रही है। यह अवश्य है कि डॉ.इशरानी जांच से इतना ज्यादा घिर चुकीं थी कि उनका अधिकांश समय उसी में जा रहा था।वहीं स्वास्थ्य सेवाएं समय पर न मिलने को लेकर लगातार शिकायतें हो रहीं थी। इसी के चलते जिला स्तर के प्रशासनिक अधिकारी भी काफी असमंजस में पड़े हुये थे। जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिये प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी सीधे तौर पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा था जिसके चलते व्यवस्थाएं काफी प्रभावित रहीं। जिला अस्पताल में आईसीयू एवं लेबर रूम महत्वपूर्ण वार्ड हैं जिनकी व्यवस्थाएं भी डॉ.इशरानी नहीं सुधार सकीं।
