
जबलपुर। केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर ने टैक्स चोरी और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (फर्जी आईटीसी) पास करने वाले गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एक साथ सीधी, सतना, कटनी में नौ फर्मों में कार्रवाई की गई है।
फर्मों में कोयले के फर्जी खरीदी बिक्री के नाम पर करोड़ों की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट के लेनदेन के संबंध में कार्यवाही की गई है। कार्यवाही के दौरान ज्यादातर फर्म अपने पंजीकृत पते पर उपलब्ध नहीं पायी गयी और न ही कोई वास्तविक व्यवसाय करते मिली और करोड़ों के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट लेन देन करने वाली फार्मों के जाल का भंडाफोड़ हुआ। अचानक हुई फर्मों पर कार्रवाई से हेराफेरी, गड़बड़झाला करने वाली फर्मों के मालिकों में हडक़ंप मचा रहा।
कागजों में चल थी आठ फर्मे फर्मे
जानकारी के मुताबिक केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, जबलपुर को खुफिया जानकारी मिली थी कि सीधी, सतना, कटनी क्षेत्रों में कई ऐसी फर्में पंजीकृत हैं जो केवल कागजों पर चल रही हैं और इनका उपयोग कोयले की फर्जी बिलिंग कर गलत तरीके से आईटीसी का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर जबलपुर आयुक्त लोकेश लिल्हारे के कुशल नेतृत्व में निवारक शाखा के अधिकारियों ने एक साथ नौ फर्मों मेें छापेमारे तो टीम को चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच की गई 9 फर्मों में से 8 फर्में अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्वहीन या गैर-परिचालन पाई गईं।
सरकारी राजस्व को लगाया चूना
नौ फर्मों का मौके पर कोई नामो-निशान नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इनका गठन केवल सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए किया गया था। इन फर्जी फर्मांे ने खरीदी बिक्री के नाम पर करोड़ों की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट के लेनदेन किया।
इन फर्मों में कार्रवाई
सीधी की मेसर्स श्री बालाजी एसोसिएट, मेसर्स महादेव ट्रेडर्स, मेसर्स मिश्रा ट्रेडिंग कंपनी, मेसर्स गायत्री एंटरप्राइजेज, मेसर्स आदित्य फिलिंग स्टेशन एवं कटनी की मेसर्स जय श्री बालाजी कोल ट्रेडर्स, मेसर्स कुमार ट्रेडिंग कंपनी और सतना की मेसर्स रिशाल एसोसिएट्स, मेसर्स भव्यंश सेल्स एंड लॉजिस्टिक्स में एक साथ कार्रवाई की गई है।
बिलों, आईटीसी की जांच
सीजीएसटी विभाग अब इन फर्मों द्वारा काटे गए बिलों और पास की गई आईटीसी की गहन जांच कर रहा है ताकि राजस्व हानि का सही आकलन किया जा सके। कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने स्पष्ट किया है कि टैक्स चोरी करने वालों और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ विभाग की यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
