
मंदसौर।अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद एवं शहर के समाजसेवियों ने भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होकर आए छह सैनिकों का भव्य स्वागत और सम्मान किया। यह कार्यक्रम शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
सबसे पहले सेवानिवृत्त सैनिक गोपाल गुर्जर (गांव गुर्जर बर्डिया) का 18 वर्ष की सेवा उपरांत स्वागत किया गया। इसके बाद योगेश सिंह चौहान (संजीत नाका, मंदसौर) जिन्होंने 22 वर्ष भारतीय सेना में सेवा की, और मुकेश डांगी (अफजलपुर) जिन्होंने 22 वर्ष केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सेवा की, का स्वागत किया गया। उनकी स्वागत यात्रा भारत माता चौराहा से शुरू होकर गांधी चौराहा, सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहा और संजीत नाका होते हुए उनके गृह गांव अफजलपुर में संपन्न हुई। वहां स्कूल स्टाफ, बच्चे और ग्रामवासियों ने उन्हें फूलों और माला से सम्मानित किया।
नारायणगढ़ के सैनिक अंतिम कुमार ग्वाला (22 वर्ष सेवा) का मल्हारगढ़ और नारायणगढ़ में स्वागत किया गया, जिसकी जिम्मेदारी संगठन की मल्हारगढ़ इकाई ने संभाली। इसके बाद नानालाल जी पाटीदार (गांव अकोदड़ा) का 22 वर्ष सेवा के उपरांत स्वागत किया गया। उनकी यात्रा भी भारत माता चौराहा से शुरू होकर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण और गृह गांव अकोदड़ा में संपन्न हुई।
गांव खेजड़ी, मल्हारगढ़ निवासी बलवंत सिंह चौहान ने 24 वर्ष सेवा के बाद 5 फरवरी को सेवानिवृत्ति ली। उनका स्वागत पूर्व सैनिक संगठन की मल्हारगढ़ इकाई द्वारा किया गया और पिपलिया मंडी एवं गृह गांव में भव्य स्वागत हुआ।
सभी सेवानिवृत्त सैनिकों की स्वागत रैली भारत माता चौराहा से शुरू होकर उनके गांव और नगर तक गई। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने उन्हें साफा, श्रीफल और माला से सम्मानित किया। शहर और नगर के समाजसेवियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी नगरवासियों ने पलक पाउडर बिछाकर, पुष्प वर्षा कर और माला पहनाकर सैनिकों का स्वागत किया।
समाजसेवी विनय दुबेला ने कहा कि मंदसौर की धरती पर प्रत्येक सैनिक का स्वागत होता है और यह परंपरा हमेशा जारी रहनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर सैनिकों के सम्मान और स्वागत की पोस्ट साझा करें, जिससे समाज में देशभक्ति और सम्मान की भावना बढ़े।
पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष मुकेश गुर्जर पालड़ी ने कहा कि भारतीय सैनिक लंबे समय तक देश की सेवा करने के बाद अपने गांव लौटते हैं, और यह हमारे लिए गर्व और खुशी का विषय है। उन्होंने बताया कि सैनिकों में देशभक्ति, जोश और जनसेवा की भावना सदैव जीवित रहती है। सीमाओं पर देश की रक्षा करने वाले सैनिक समाज में रहकर भी युवाओं का मार्गदर्शन करते हैं और उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
इस अवसर पर संगठन मार्गदर्शक एस. के. त्रिपाठी, सेवानिवृत्त सूबेदार एस. आर. जांगिड़, कैप्टन सुरेश परमार, मोहन पोपड़िया, दशरथ सिंह चौहान, संगठन अध्यक्ष मुकेश गुर्जर, समाजसेवी विनय दुबेला, राजेश चौहान, दीपक राठौड़, बाबूसिंह सिसौदिया, ऋषिराज गुर्जर, रूपचंद महावर, नरेंद्र खटवड़, नरेंद्र पाटीदार, प्रहलाद राठौड़, राजेंद्र सिंह, कमल सिंह चंद्रावत शक्तावत, रघुनाथ सिंह राठौर, मुकेश सोलंकी, मंगल सिंह सिसोदिया, नानालाल मालवीय, दिनेश पाटीदार, कमलेश देवड़ा, आजाद पूरी गोस्वामी, मदन धनगर, दशरथ डांगी, घनश्याम शिकारी, राजेश नागदा, दिलीप पाटीदार, जुगल विश्वकर्मा, हरीश राठौर, रामनारायण गुर्जर, जितेंद्र माली, भारत सिंह बोराना, ईश्वर पाटीदार, धर्मेंद्र सोनगरा, भगत सिंह, आर. एन. मालवीय, रोहित प्रजापत, दिनेश यादव, लाल सिंह, अनूप सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
