
चितरंगी। स्थानीय ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित साझा चूल्हा कार्यक्रम इन दिनों भुगतान में देरी के कारण प्रभावित होता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार सितंबर 2025 से कार्यक्रम से जुड़ी सामग्री का भुगतान लंबित है और रसोइयों को नियमित मानदेय भी समय पर नहीं मिल पाया है।
बताया जा रहा है कि रसोइयों को पिछले 65 महीनों में लगभग 6 हजार रुपये ही प्राप्त हुए हैं, जबकि निर्धारित मानदेय 500 रुपये प्रतिमाह है। इस हिसाब से कई महीनों का भुगतान अब भी शेष बताया जा रहा है। कार्यक्रम से जुड़ी अधिकांश महिलाएं सीमित आय वाले परिवारों से आती हैं और यह मानदेय उनके लिए महत्वपूर्ण सहारा माना जाता है। वर्तमान स्थिति में वे पानी की व्यवस्था, ईंधन जुटाने और भोजन तैयार करने का कार्य निरंतर कर रही हैं, लेकिन पारिश्रमिक मिलने में विलंब बना हुआ है।
समस्या के समाधान की प्रतीक्षा
रसोइयों और स्व-सहायता समूहों द्वारा अपनी समस्या संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखे जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि अभी तक भुगतान की स्पष्ट समय-सीमा घोषित नहीं हो सकी है। सितंबर 2025 से सामग्री भुगतान लंबित रहने के कारण कुछ स्व-सहायता समूहों पर आर्थिक दबाव बढ़ने की बात भी कही जा रही है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कार्यक्रम की नियमितता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
