कोलकाता, (वार्ता) सुजलॉन ने जिंदल रिन्यूएबल्स की सहायक कंपनी जिंदल ग्रीन विंड 1 प्राइवेट लिमिटेड से 204.75 मेगावाट का तीसरा ऑर्डर प्राप्त किया है, जिससे भारत में कम कार्बन स्टील क्रांति को और गति मिलेगी।
कंपनी ने मंगलवार को बयान जारी कर बताया कि यह साझेदारी अब सुजलॉन का सबसे बड़ा वाणिज्यिक और औद्योगिक (सीएंडआई) ऑर्डर बन गई है, जिसकी कुल क्षमता 907.20 मेगावाट तक पहुंच गई है। इससे पहले सुजलॉन ने छत्तीसगढ़ और ओडिशा में जिंदल स्टील के संयंत्रों को बिजली आपूर्ति के लिए दो ऑर्डर प्राप्त किए थे, जिनकी कुल क्षमता 702.45 मेगावाट थी।
वर्तमान में, सीएंडआई ग्राहक सुजलॉन की कुल ऑर्डर बुक का 59 प्रतिशत हिस्सा हैं, जिससे कंपनी का ऑर्डर बुक अब रिकॉर्ड 5.9 गीगावाट तक पहुंच गया है, जो कंपनी के इतिहास में सबसे अधिक है। इस नए ऑर्डर के तहत सुजलॉन 65 अत्याधुनिक एस144 विंड टर्बाइन जनरेटर (डब्ल्यूटीजी) की आपूर्ति करेगा, जिनमें हाइब्रिड लैटिस टावर्स (एचएलटी) होंगे और प्रत्येक की क्षमता 3.15 मेगावाट होगी।
इस परियोजना से उत्पन्न ऊर्जा का उपयोग छत्तीसगढ़ और ओडिशा में स्थित जिंदल स्टील प्लांट की कैप्टिव खपत के लिए किया जाएगा, जिससे इन संयंत्रों की परिचालन स्थिरता बढ़ेगी और भारत के हरित ऊर्जा संक्रमण में योगदान मिलेगा।
सुजलॉन समूह के उपाध्यक्ष गिरीश तांती ने कहा, “हमें जिंदल रिन्यूएबल्स जैसे दूरदर्शी संगठनों के साथ भारत के स्टील डीकार्बोनाइजेशन को आगे बढ़ाने पर गर्व है। कर्नाटक में हमारी शुरुआती सफलताओं के बाद अब हम तमिलनाडु में कम कार्बन स्टील का विस्तार कर रहे हैं, जो पवन ऊर्जा में अग्रणी राज्य है। हम साथ मिलकर भारत में सतत औद्योगिक विकास को फिर से परिभाषित कर रहे हैं।”
जिंदल रिन्यूएबल्स के अध्यक्ष भरत सक्सेना ने कहा, “हम भारत के इस्पात उद्योग में डीकार्बोनाइजेशन आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुजलॉन के साथ यह तीसरा ऑर्डर सतत ऊर्जा समाधान के प्रति हमारी प्रतिबद्धता और भारत में सबसे बड़ा डीकार्बोनाइजेशन समाधान प्रदाता बनने के हमारे दृष्टिकोण का स्पष्ट प्रमाण है।”
सुजलॉन समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जेपी चालसानी ने कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा में दशकों की विशेषज्ञता के साथ सुजलॉन स्टील और भारी उद्योगों के डीकार्बोनाइजेशन को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह सक्षम है। औद्योगिक विकास के तेजी से बढ़ते दौर में सतत ऊर्जा समाधानों की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। सुजलॉन अभिनव पवन ऊर्जा समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करते हुए उद्योगों को अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में मदद करेंगे।”
