सरकारी छात्रावास में रक्षक ही बने भक्षक? 4 महीने तक दरिंदगी और जिम्मेदार रहे बेखबर

खुरई। शासकीय छात्रावास में 12 वर्षीय नाबालिग छात्रा से चार माह तक आरोपी दुराचार करता रहता है और किसी भी जबबादार अधिकारी, कर्मचारी को इस संबंध में भनक तक नहीं लगती है ,यह किसी के गले नहीं उतर रही है, चिकित्सीय जांच में वह गर्भवती है, सबसे बड़ा सवाल यह है कि छात्रावास के अंदर आरोपी आता जाता रहा और सभी बेखबर बने रहे, वह भी छात्रा को धमकाकर ग़लत कार्य करता रहा और सभी अनभिज्ञ बने रहे। बताया जाता है कि एक सब्जी बेचने वाला अल्ताफ नाम का लड़का छात्रावास में सब्जी देने आया करता था, छात्राएं उससे सब्जियां लेकर छात्रावास में रखती थी, अब सवाल यहां पर यह उत्पन्न होता है कि जब यह सब हो रहा था तो छात्रावास अधीक्षक ने क्या कभी सीसीटीवी कैमरे को चेक किया कि आखिर छात्रावास के अंदर चल क्या रहा है,नहीं उन्होंने इसका कभी प्रयास नहीं किया, इससे स्पष्ट होता है कि सीसीटीवी कैमरे के फुटेज प्रतिदिन देखें नहीं जाते थे।

पीड़िता ने बताया कि 24 सितम्बर 25 को अल्ताफ आता है और नाबालिग छात्रा से दुराचार कर चला भी जाता है, इससे प्रतीत होता है कि छात्रावास की सुरक्षा में लापरवाही थी या फिर कोई छात्रावास का कर्मचारी अल्ताफ के साथ इस मामले में शामिल हैं। अल्ताफ लगातार 4 माह तक कैसे आता जाता रहा यह निष्पक्ष जांच का विषय है।

दुराचार होने के बाद जब नाबालिग छात्रा के साथ उल्टियां,पेट दर्द, जी मिचलाने जैसी घटनाएं हो रही थी तब छात्रावास के स्टाफ ने इसे गंभीरता से न लेते हुए यह क्यों कहा कि बाहर कुछ खाया होगा ,इसलिए ऐसा हो रहा है। इसमें कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ नजर आ रहा है।

शहर में कोई भी घटना या वारदात हो जाती है तो कुछ नासमझ लोग यह कहते देखे जाते हैं कि पुलिस कुछ नहीं कर रही है अब यह कौन समझाये कि जब छात्रावास के अधीक्षक से लेकर चौकीदार,वार्डन कुछ नहीं बता पा रहे हैं कि छात्रावास के अंदर अल्ताफ को कौन प्रवेश करवाता था, जनता का कहना है कि इस मामले में जो भी अधिकारी, कर्मचारी की मिली भगत या लापरवाही सामने आती है तो उस पर भी कठोर कार्यवाही होना चाहिए बच्ची किसी की भी मान, सम्मान और आबरु सभी की सुरक्षित रहना चाहिए।

शहरी पुलिस थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह दांगी का कहना है कि पुलिस इस मामले में बिना दबाब के रहकर निष्पक्षता से जांच कर आरोपी की मदद करने वाले को भी नहीं बक्शेगी चाहे वह किसी से भी जुड़ा क्यों न हो, बच्ची के साथ जो हुआ है,छात्रावास में चार माह तक दुराचार का आरोपी बेरोकटोक आता जाता रहा।

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