
छतरपुर जिले में मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई उस समय अफरा-तफरी में बदल गई, जब जमीन विवाद से परेशान एक वृद्ध ने आत्मदाह की कोशिश कर दी। वृद्ध ने जनसुनवाई के दौरान अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और माचिस जलाने की तैयारी कर ली। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने साहस दिखाते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया और वृद्ध के हाथ से माचिस और पेट्रोल की बोतल छीन ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार, यह वृद्ध लवकुशनगर अनुभाग के बछरोन गांव का निवासी है, जो अपने जमीन संबंधी विवाद को लेकर जनसुनवाई में आवेदन देने आया था। वृद्ध का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपनी जमीन के मामले में न्याय पाने के लिए विभिन्न सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे कोई समाधान नहीं मिला। बार-बार आवेदन देने के बावजूद सुनवाई न होने से वह मानसिक रूप से टूट चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने वृद्ध को शांत कराया और पूरे मामले की जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन विवाद लंबे समय से लंबित है, जिससे वृद्ध खुद को पूरी तरह बेबस महसूस कर रहा था।
इस घटना ने एक बार फिर जनसुनवाई और शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि जब जनसुनवाई जैसे मंच पर भी पीड़ितों को न्याय की उम्मीद टूटने लगे, तो व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होना स्वाभाविक है।
