श्रीनगर | जम्मू-कश्मीर में सोमवार की सुबह भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। सुबह करीब 5:35 बजे, जब घाटी के लोग कड़ाके की ठंड और सब-जीरो तापमान में घरों के भीतर थे, तभी अचानक धरती कांपने लगी। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.8 मापी गई। इसका केंद्र बडगाम जिले में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। भूकंप के झटके इतने प्रभावी थे कि लोग अपनी नींद छोड़कर जान बचाने के लिए कड़ाके की ठंड के बावजूद खुले मैदानों की ओर दौड़ पड़े।
भूकंप का मुख्य असर बारामुला और बडगाम जिलों में सबसे अधिक महसूस किया गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अभी तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या इमारतों के गिरने की कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। इसी दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी तड़के 3:31 बजे 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों घटनाएं अलग-अलग टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल का परिणाम हैं। प्रशासन फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भूकंप के बार-बार आ रहे झटकों को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने घरों की दीवारों में आई दरारों की जांच करें और आपातकालीन किट तैयार रखें। विशेषज्ञों ने भूकंप के दौरान ‘झुको, ढको और पकड़ो’ (Drop, Cover, and Hold) की तकनीक अपनाने और भारी सामान को ऊंचे शेल्फ पर न रखने की हिदायत दी है। प्रशासन ने लोगों से पैनिक न होने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह से बचा जा सके।

