
इंदौर. ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के दावों के बीच क्राइम ब्रांच को एक अहम मोर्चे पर अब तक सफलता नहीं मिल सकी है. गत वर्ष फरार चल रहे नौ बाहरी ड्रग्स तस्करों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था, लेकिन एक साल बाद भी इनमें से कोई आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आ सका है.
क्राइम ब्रांच ने पिछले साल नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 180 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया था. इस दौरान करीब आठ करोड़ रुपए से ज्यादा का नशा भी जब्त किया था. हालांकि जांच में सामने आया कि कई मामलों में नशे की सप्लाई करने वाले आरोपी बाहर के राज्यों से जुड़े थे, जो कार्रवाई के दौरान फरार हो गए. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने ऐसे फरार तस्करों की सूची तैयार कर इनाम घोषित किया था. पहले चरण में मंदसौर, प्रतापगढ़, मुंबई, नासिक, ठाणे और देवास के कुल नौ आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम रखा गया, इनमें मंदसौर के शाहिद पिता युनूस खान, महफूज पिता मुबारिक और मनय जैन, प्रतापगढ़ के शाहरुख खान और गुजनबाज पठान, मुंबई का सलमान, नासिक का अकरम पठान, ठाणे का राजकुमार नारंगी और देवास का मगन अखाड़े शामिल हैं. पुलिस को उम्मीद थी कि इनाम घोषित होने के बाद आरोपियों की सूचना मिलेगी और गिरफ्तारी संभव होगी, लेकिन अब तक कोई भी तस्कर पकड़ा नहीं जा सका है. इसी तरह क्राइम ब्रांच ने चार बड़े ड्रग्स तस्करों की संपत्ति कुर्क करने के लिए कोर्ट में आवेदन भी दिया था, लेकिन फिलहाल किसी भी मामले में संपत्ति जब्ती के आदेश नहीं हो पाए हैं. इनाम और कुर्की जैसी कार्रवाई के बावजूद आरोपियों का फरार रहना पुलिस की चुनौती बना हुआ है, वहीं ड्रग्स नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
