जबलपुर: शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से अव्यवस्थित होती जा रही है। बड़ा फुहारा, कमानिया गेट, लार्डगंज और आसपास के इलाकों में ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों की बेरोक-टोक आवाजाही के कारण आए दिन घंटों तक जाम की स्थिति बन रही है। संकरे बाजार मार्गों में बढ़ते वाहनों ने आम नागरिकों, दुकानदारों और पैदल चलने वालों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों में ई-रिक्शा चालकों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। स्थिति यह है कि कई बार बड़े वाहनों की वजह से लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों का समय लग जाता है।
समझ से बाहर यातायात प्लानिंग
लार्डगंज चौराहे पर यातायात पुलिस द्वारा लागू किया गया वन-वे सिस्टम लोगों की समझ से परे है। यह वन-वे व्यवस्था बाजार के भीतर बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाई गई थी, लेकिन हकीकत में इसका असर सिर्फ गंजीपुरा की एक गली तक ही सीमित नजर आता है। इसके विपरीत पूरे बाजार क्षेत्र में बड़े वाहन धड़ल्ले से प्रवेश कर रहे हैं और दूसरी दिशाओं से भी आवाजाही जारी है।
जहां जरूरत थी वहां से हटाया वन-वे
पहले बड़े वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए सुपर मार्केट क्षेत्र में वन-वे व्यवस्था लागू थी। चार पहिया वाहनों को पार्किंग के लिए श्रीनाथ की तलैया की ओर भेजा जाता था। लेकिन अब उस वन-वे को हटाकर लार्डगंज में लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत बड़ा फुहारा और कमानिया गेट से आने वाले वाहनों को कछियाना की ओर डायवर्ट किया जा रहा है, जबकि लार्डगंज से बड़े फुहारा की ओर वाहन लगातार प्रवेश कर रहे हैं। दोनों दिशाओं से आवाजाही के कारण मुख्य बाजार में वन-वे का कोई असर नजर नहीं आ रहा और जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा भीड़ और जाम
बाजार क्षेत्र में शायद ही कोई ऐसी दुकान हो जहां भीड़ न लगी हो। सराफा बाजार, कमानिया गेट, बड़ा फुहारा, अंधेरदेव, लार्डगंज, घमंडी चौक और गंजीपुरा जैसे इलाकों में दिनभर ग्राहकों की भीड़ बनी रहती है। इसके साथ ही दिन में कई बार इन क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
