मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
मिस गाइड करने से नाराज देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कलेक्टर की खिंचाई कर दी. मामला शराब दुकान को मंदिर के पास से हटाने का था. कलेक्टर ने उन्हें मंदिर की जगह ओटला बताकर उन्हें मिस गाइड कर दिया. शराब दुकान हटाने को लेकर सांसद महेंद्र सोलंकी से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे क्षेत्रीय रहवासियों ने सच्चाई बताई तो सोलंकी उखड़ गए. सांसद को देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह द्वारा उनके निर्देश को गंभीरता से न लेना नागवार गुजरा. अंतत: सांसद सोलंकी ने कलेक्टर को दो टूक कह दिया कि ये मेरा आखिरी कॉल है.
इसके बाद हम फेस टू फेस बात करेंगे रोड पर खड़े होकर और जिम्मेदार होंगे आप, ध्यान रखना..! सोलंकी ने दुकान हटाने की बजाए ठेकेदारों को प्रोटेक्शन देने और शराब दुकान की जगह के लिए मिसगाइड करने पर उनकी लू भी उतार दी. सांसद महेंद्र सोलंकी ने कलेक्टर ऋतुराज सिंह को फोन पर दो टूक जवाब में दुकान शिफ्ट करने के निर्देश दे दिए. साथ ही चेता भी दिया कि अगर ऐसा नहीं होता हैं तो वे खुद सडक़ पर आंदोलन करेंगे. इसके बाद… जी सर, जी सर करते रहे कलेक्टर. इस घटना का अब एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
पतियों के हस्तक्षेप पर नकैल कस पाएंगे?
जनप्रतिनिधियों के कार्य में पतियों का हस्तक्षेप बढ़ता ही जा रहा है. संस्थागत कामों में दखलंदाजी ऐसी मानो ये ही सर्वेसर्वा हैं. ऐसे में मनमानी के चलते विवाद भी सामने आते हैं और पत्नी की आड़ में असंवैधानिक कार्य करने से भी नहीं चुकते. इसी तरह का मसला देवास नगर निगम में सामने आया है. महापौर पति दुर्गेश अग्रवाल से विवाद के बाद 2 एमआइसी सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. देवास नगर निगम में पिछले दिनों परिषद की बैठक में महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल से एमआईसी सदस्य रामदयाल यादव और अजय तोमर के बीच राजनीतिक विवाद हो गया था.
इसके बाद देवास में यह राजनीतिक विवाद गरमा गया. महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने इसे पति के सम्मान में ठेस से जोड़ लिया और मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1956 के अंतर्गत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए मेयर इन काउंसिल से उक्त पार्षदों को बाहर कर दिया. उनकी जगह दो महिलाओं को सदस्य बना दिया. अब अपनी ही पार्टी की महापौर के इस बर्ताव से क्षुब्ध भाजपा पार्षदों ने इस फैसले के खिलाफ सांसद महेंद्रसिंह सोलंकी को अवगत कराया. इसके बाद सांसद ने इस मामले की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष को दी. आगे देखना होगा कि पार्टी क्या एक्शन लेती है, क्या कर्ताधर्ता पतियों के दखल पर नकैल कस पाएंगे?
मालवा के सांसदों की चुप्पी
वक्फ संशोधन बिल में मालवा क्षेत्र से जुड़े सांसद मौन रहे, जबकि यहां भी महज 5 प्रतिशत क्षेत्रीय आबादी के लिए बहुत अधिक जमीन वक्फ की है. इनमें कई विवादित हैं. मालवा क्षेत्र उज्जैन इंदौर देवास शाजापुर एवं खंडवा लोकसभा की कुछ विधानसभा से जुड़ा हुआ है, लेकिन वक्फ संशोधन बिल पर देवास शाजापुर लोकसभा से सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी, खंडवा लोकसभा से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, उज्जैन संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं इंदौर संसदीय क्षेत्र के साथ रतलाम मंदसौर संसदीय क्षेत्र के सांसद संसद में बहस के दौरान मौन रहे. जबकि कई जगह सम्पत्तियां विवाद में हैं. धार संसदीय क्षेत्र में भोजशाला को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा है. ऐतिहासिक स्थल मांडव में भी वक्फ की संपत्ति दर्ज है. इसके बावजूद मालवा क्षेत्र से चार से अधिक सांसद अपनी बातें नहीं रख पाए
