
नईदिल्ली। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी की गई नई एपस्टीन फाइल्स में यह सामने आया है कि दिवंगत फाइनेंसर जेफ्री एपस्टीन के संपर्कों का दायरा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें फिल्म इंडस्ट्री, टेक जगत और राजनीति से जुड़ी कई हाई-प्रोफाइल हस्तियाँ शामिल थीं। सार्वजनिक किए गए दस्तावेज़ों में ईमेल संवाद, संपर्कों का उल्लेख और सामाजिक आयोजनों से जुड़े संदर्भ दर्ज हैं, हालांकि इनमें किसी के खिलाफ नए आपराधिक आरोप या दोष सिद्ध होने का दावा नहीं किया गया है।
फाइल्स के मुताबिक, 2009 में न्यूयॉर्क में गिस्लीन मैक्सवेल के मैनहट्टन टाउनहाउस में आयोजित एक आफ्टर-पार्टी से जुड़ा ईमेल भी सामने आया है, जिसका संबंध फिल्म ‘एमेलिया’ से बताया गया है। यह फिल्म भारतीय मूल की प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मीरा नायर द्वारा निर्देशित थी। संबंधित ईमेल अमेरिकी फिल्म पब्लिसिस्ट पेगी सीगल ने एपस्टीन को भेजा था, जिसमें पार्टी में कई चर्चित नामों की मौजूदगी का जिक्र किया गया है। हालांकि दस्तावेज़ों में यह स्पष्ट किया गया है कि यह उल्लेख सिर्फ सामाजिक संपर्कों और आयोजनों के संदर्भ में है।
नई फाइल्स में टेक इंडस्ट्री से जुड़े नामों का भी उल्लेख है। दस्तावेज़ों के अनुसार, 2012–13 के दौरान एपस्टीन और टेस्ला के सीईओ इलॉन मस्क के बीच ईमेल संवाद हुआ, जिसमें एपस्टीन द्वारा उन्हें अपने निजी द्वीप पर आमंत्रित किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, रिकॉर्ड में यह पुष्टि नहीं होती कि मस्क ने कभी यह यात्रा की हो, और मस्क पहले ही सार्वजनिक रूप से ऐसे किसी भी दौरे से इनकार कर चुके हैं।
इसी तरह, कुछ ईमेल्स में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स से जुड़े दावे भी दर्ज हैं, जिन्हें दस्तावेज़ों में एपस्टीन के निजी कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जस्टिस डिपार्टमेंट ने साफ किया है कि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें तथ्यात्मक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इन फाइल्स में इससे पहले भी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव से जुड़े कई नामों जैसे पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और अन्य वैश्विक हस्तियों का उल्लेख हो चुका है। जांच एजेंसियों का कहना है कि दस्तावेज़ों का सार्वजनिक होना पारदर्शिता की दिशा में कदम है, लेकिन किसी व्यक्ति का नाम आना अपने आप में अपराध या दोष का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
