नयी दिल्ली, 30 जनवरी (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि उसने मध्य प्रदेश सरकार के पूर्व प्रमुख सचिव और दिवंगत आईएएस अधिकारी अरविंद जोशी से जुड़े एक मामले में करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को कुर्क किया है।
ईडी ने यह जांच लोकायुक्त, भोपाल के विशेष पुलिस स्थापना द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की थी।
एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) की धारा 13(1)(ई) और 13(2) के तहत आरोप लगाए गए थे। इसमें जुलाई 1979 से दिसंबर 2010 की अवधि के दौरान ज्ञात आय से कहीं अधिक, लगभग 41.87 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
पीएमएलए के तहत की गई जांच में सामने आया कि अवैध आय को योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न चल और अचल संपत्तियों में निवेश कर ‘प्लेसमेंट’ और ‘लेयरिंग’ की गई। ये संपत्तियां परिवार के सदस्यों के नाम पर रखी गई थीं। जांच में एस.पी. कोहली और उनके परिवार के नाम पर बेनामी संपत्तियों के संचय का भी खुलासा हुआ है। इसके अलावा, आरोपियों ने एक शेल कंपनी भी खोली और एस.पी. कोहली को उसका “मैनेजर” नियुक्त कर तथा उनके पक्ष में “पावर ऑफ अटॉर्नी” जारी कर कंपनी के नाम पर संपत्तियां खरीदीं।
ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक तीन अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं, जिनके तहत कुल 8.5 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
ताजा तौर पर जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें भोपाल जिले में स्थित आवासीय प्लॉट, कृषि भूमि और एक संचालित रिसॉर्ट शामिल है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियां दिवंगत अरविंद जोशी, उनके परिवार के सदस्यों और उनके सहयोगी एस.पी. कोहली के नाम पर दर्ज हैं और इन्हें अपराध की आय के रूप में चिन्हित किया गया है।
