यूजीसी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन सामाजिक असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा देंगे

बीना। शहर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने शुक्रवार को गांधी चौराहा पर एकत्रित होकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। साथ ही काली पट्टी बांधकर विशाल रैली निकालकर प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को ज्ञापन सौंपा। शुक्रवार को बड़ी संख्या में सर्वण समाज के लोग गांधी चौराहा पर एकत्रित हुए। जहां लोगों ने सबसे पहले महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। इसके बाद काले कानून के विरोध में लोग जमकर सरकार के खिलाफ बरसे। जहां यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने या उनमें व्यापक संशोधन करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए एक विशाल रैली निकाली। रैली गांधी चौराहा से शुरू होकर, कॉलेज तिराहा से होते हुए सर्वोदय चौराहा पर पहुंची। जहां वक्ताओं ने कहा कि नए नियमों से सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा। इससे कॉलेज परिसरों में भय और असंतुलन का माहौल बनेगा, जो छात्रों की पढ़ाई और भविष्य को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा। सभी लोगों ने एकमत होकर सरकार से नियम को तत्काल वापस लेने की अपील की। लोगों ने तर्क दिया कि यह कानून सामान्य वर्ग के बच्चों की को प्रभावित करेगा और समाज में जातिगत विभाजन को बढ़ावा देगा। लोगों ने कहा कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित ड्राफ्ट रेगुलेशन उच्च शिक्षा व्यवस्था में सामाजिक असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा देंगे। रैली में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग काली पट्टी बांधे हुए थे। सर्वण समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार अंबर पंथी को ज्ञापन सौंपा।

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