
छिंदवाड़ा। जिले में अभी जहरीली मिठाई कांड का मामला शांत नहीं हुआ हैं। एक बार फिर अमरवाड़ा के श्री महालक्ष्मी बीकानेर में फिर जहरीला हलुआ खाने से एक गर्भवती महिला, मासूम सहित 6 लोग बीमार हो गए हैं। जिन्हें स्थानीय अस्पताल से प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिसमें दो एक महिला और मासूम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही चार का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया है। महिला और मासूम को छोडक़र सभी की इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है।
जानकारी में शुभम नामदेव ने बताया कि गुरूवार की सुबह सिविल लाइन स्थित बीकानेर मिष्ठान से गाजर का हलुआ खरीदा गया था। इसके अलावा भी जैन और साहू परिवार ने भी यहां से हलुआ खरीदा था। यहां से ले जाने के बाद इन लोगों ने अपने परिवार साथ वह हलुआ खाया। हलुआ खाने के बाद अचानक सभी पेट में दर्द होने लगे। इसके बाद कुछ को उल्टियां भी होने लगी। जिसके बाद परिजन तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से गर्भवती महिला और मासूम का प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों का फिलहाल जिला अस्पताल में इलाजज चल रहा है। दोनों की हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। वही सिंगोड़ी के जैन और साहू परिवार के चार सदस्यों को अरोग्य अस्पताल में भर्ती किया गया। इलाज के बाद चारों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
मिठाई के लिए सेम्पल
इधर सूचना मिलते ही मौके पर फूड विभाग की टीम पहुंच गई। टीम ने बीकानेर मिष्ठान से गाजर के हलुआ के अलावा मिठाइयो के सेम्पल लिए हैं। इसके बाद एसडीएम की देखरेख में मिठाई की दुकान को सील कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उक्त मामले में कार्रवाई की जाएगी।
हलुआ से ये लोग हुए बीमार
फूड विभाग के गोपेश मिश्रा के मुताबिक गाजर का हलुआ खाने से सिंगोड़ी के शाश्वत जैन 23 साल, प्रिंश साहू 25 साल, हिमांशु साहू 23 साल, आरती नामदेव 30 साल और शिवाय नामदेव नामदेव सहित एक अन्य शामिल है।
नहीं हो रही होटलों की जांच
जिले में पिछले कुछ महीनों से जहरीली मिठाइयों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। जुन्नारदेव में जहरीली मिठाई से तीन मौत और अमरवाड़ा में जहरीली मिठाई से 6 लोग प्रभावित हुए है। इसके बाद भी फूड विभाग के अधिकारी जागे नहीं है। महज औपचारिकता के लिए और आंकड़ों की खानापूर्ति के लिए कार्रवाई कर इतिश्री कर लेते है। शहर में भी फुटपाथ पर चटपटे खाद्य सामग्रियों की दुकानें संचालित की जा रही है। जिनमें गुणवत्ताहीन नाश्ता परोसा जा रहा है। इसके बाद यहां जांच नहीं हो रही है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य सामग्रियों के क्या हालात होंगे।
