
उज्जैन। मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के बाद ठंड का असर कम होने लगता है। लेकिन इस बार मौसम बार-बार करवट बदल रहा है। 2 दिन पहले हुई ओलावृष्टि और बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से ठंड बढ़ गई है। वही एक बार फिर मौसम वैज्ञानिकों ने 31 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ का नया स्ट्रांग सिस्टम एक्टिवेट होने का अलर्ट जारी किया है। जिसके चलते फरवरी माह का सप्ताह भी ठंड के आगोश में रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मंगलवार शाम प्रदेश के साथ उज्जैन जिले में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से मौसम पूरी तरह से बदल गया था। मध्य प्रदेश के ऊपर से गुजरी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सिस्टम की वजह से हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद दिन रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार रात सुबह भी आसमान में बादल होने की वजह से हल्का कोहरा छाया हुआ था और ठंड महसूस हो रही थी, शहर को सर्द हवा ने घेर रखा था दोपहर होते-होते सूर्य देव बादलों से बाहर आए। 14 जनवरी को सूर्य के उत्तरायण होने के बाद माना जा रहा था कि ठंड से राहत मिलेगी लेकिन मौसम वैज्ञानिको ने पश्चिमी विक्षोभ का अलर्ट जारी कर दिया। एक बार फिर मौसम विभाग द्वारा 31 जनवरी से 1 जनवरी के बीच पश्चिमी विक्षोभ का स्ट्रांग सिस्टम सक्रिय होने की जानकारी दी है। जिसके चलते फिर से सर्द हवा के साथ बारिश ओलावृष्टि का अंदेशा जताया है। मौसम में लगातार आ रहे बदलाव का असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता दिखाई दे रहा है जिसमें बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित दिखाई दे रहे हैं।
